मरियम नवाज़ ने अटक में 127 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया, सड़कों और जल निकासी में सुधार पर जोर
- इंटरनेशनल
- (Asia/Kolkata)
अटक, 3 नवंबर 2026 (नज़राना टाइम्स): पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ शरीफ ने अटक जिले के दौरे के दौरान 127 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य बुनियादी ढांचे और जनसेवाओं में सुधार करना तथा स्थानीय निवासियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान करना है।
59 सड़क योजनाओं की अनुमानित लागत 23 अरब पाकिस्तानी रुपये
विकास पैकेज में सड़कों के निर्माण और मरम्मत की 59 योजनाएं शामिल हैं, जिनकी अनुमानित लागत 23 अरब पाकिस्तानी रुपये है। पैकेज में सार्वजनिक सुविधाओं और प्रशासनिक सेवाओं को बेहतर बनाने तथा जरूरतमंद समुदायों के लिए अवसर बढ़ाने की परियोजनाएं भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने एग्री मॉल, भूमि अभिलेख केंद्र, मॉडल बाल गृह और फतेह जंग विशेष शिक्षा केंद्र का भी उद्घाटन किया। इन सुविधाओं का उद्देश्य स्थानीय लोगों के लिए जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान बनाना है।

जल निकासी, जल प्रबंधन और जनभागीदारी पर जोर
मरियम नवाज़ ने अटक के शहरी बुनियादी ढांचे, खासकर सड़कों, जल निकासी और जल प्रबंधन प्रणालियों में सुधार की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं का सीधा लाभ निवासियों को मिलना चाहिए और उनसे शहर की पुरानी समस्याएं हल होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवासियों, बच्चों और युवाओं से बातचीत भी की। उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने जनभागीदारी और नागरिकों से सीधे संवाद बनाए रखने के महत्व पर भी जोर दिया।

अटक की सिख विरासत: गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब
अटक जिले के हसन अब्दाल में स्थित गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब दुनिया भर के सिखों के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है। यह ऐतिहासिक गुरुद्वारा सिख धर्म के संस्थापक श्री गुरु नानक देव जी से जुड़ा है। सिख परंपरा के अनुसार, गुरुद्वारे की एक पवित्र चट्टान पर गुरु साहिब के हाथ का निशान है, जिसके प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है।
बैसाखी और श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व जैसे प्रमुख धार्मिक अवसरों पर कई देशों से सिख श्रद्धालु यहां आते हैं। गुरुद्वारे का संरक्षण और विदेशी श्रद्धालुओं के लिए उचित सुविधाएं उपलब्ध कराना सिख विरासत की रक्षा और पाकिस्तान में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।

धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और आपसी सद्भाव
सिख, हिंदू, ईसाई और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों का पाकिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों से पुराना धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव है। उपासना स्थलों की सुरक्षा, ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों का संरक्षण, तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं और धार्मिक आयोजनों में सहयोग इन संबंधों को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
अल्पसंख्यक समुदायों से निरंतर संवाद और उनकी धार्मिक विरासत की रक्षा से आपसी विश्वास बढ़ सकता है। ऐसे प्रयास विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच समझ मजबूत करने और धार्मिक विविधता तथा सभी नागरिकों के अधिकारों के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता दिखाने में भी मदद कर सकते हैं।
रिपोर्ट: अली इमरान चट्ठा
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