मर्दान सिख दंपति हत्याकांड: हत्या के मकसद का खुलासा किया जाए — अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा
- इंटरनेशनल
- 20 Jun, 2026 04:20 PM (Asia/Kolkata)
मर्दान, 20 जून (नजराना टाइम्स) अली इमरान चठ्ठा
पंजाब के मानवाधिकार एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री सरदार रमेश सिंह अरोड़ा ने खैबर पख्तूनख्वा सरकार से मांग की है कि मर्दान में सिख दंपति की नृशंस हत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए तथा पूरे प्रांत में अल्पसंख्यकों और उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
अल्पसंख्यक विधायक सुरेश कुमार और पीएमएल-एन मर्दान के अध्यक्ष सैयद इनायत शाह बाचा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे दुखद घटनाक्रमों को रोकने के लिए केपी पुलिस को अपने कर्मियों के आचरण और मानसिक स्थिति की भी समीक्षा करनी चाहिए।
इससे पहले मंत्री ने डीआईजी मर्दान कासिम अली खान और डीपीओ मर्दान मसूद अहमद से मुलाकात कर जांच की प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने एक गुरुद्वारे में आयोजित अरदास समारोह में भी भाग लिया, जहां उन्होंने मृतक दंपति की बेटी से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की।
रमेश सिंह अरोड़ा ने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा में कभी बड़ी संख्या में सिख आबादी रहती थी, लेकिन समय के साथ विभिन्न कारणों से उनकी संख्या कम होती गई। उन्होंने कहा कि बाबू मोहल्ला, मर्दान की यह घटना न केवल पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाने वाली है, बल्कि इसे वैश्विक मीडिया में भी व्यापक कवरेज मिली है, जिससे दुनिया भर के सिख समुदायों में चिंता और रोष पैदा हुआ है।
उन्होंने बताया कि डीआईजी और डीपीओ ने उन्हें आश्वासन दिया है कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ निष्पक्ष जांच की जा रही है और उसे कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी। हालांकि उन्होंने जोर दिया कि जांच का दायरा बढ़ाकर अपराध के सभी संभावित कारणों और पहलुओं की पड़ताल की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं केवल एक व्यक्ति की हरकत मानकर नजरअंदाज नहीं की जा सकतीं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
मंत्री ने कहा कि कट्टरपंथी विचारधारा रखने वाले व्यक्तियों को अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों से दूर रखा जाना चाहिए। यदि कोई पुलिस अधिकारी भी ऐसी विचारधारा से जुड़ा पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने मृतक दंपति के परिवार और मामले के गवाहों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग की।
उन्होंने मर्दान के सिख समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि गहरे दुख के बावजूद उन्होंने शांति और संयम का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि देश के किसी भी हिस्से में अल्पसंख्यकों पर हमला पूरे पाकिस्तान की छवि को प्रभावित करता है।
अंत में उन्होंने संघीय और प्रांतीय सरकारों से आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ संयुक्त रणनीति अपनाने तथा सभी नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
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