पाकिस्तान के पंजाब में दीवाली समारोहों का ऐलान; रहीम यार खान में 4 और लाहौर में 6 नवंबर को आयोजन
लाहौर (नज़राना टाइम्स): पाकिस्तान के पंजाब की सरकार ने मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ शरीफ के नेतृत्व में प्रांत भर में दीवाली समारोह आयोजित करने की घोषणा की है। मानवाधिकार एवं अल्पसंख्यक मामलों का विभाग हिंदू समुदाय के साथ त्योहार की खुशियां साझा करने और सहिष्णुता, भाईचारे तथा धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।
प्रांतीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने अपने वीडियो संदेश में पाकिस्तान और दुनिया भर के हिंदू समुदाय को दीवाली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार समुदाय के साथ मिलकर यह त्योहार उत्साह और सम्मान के साथ मनाएगी।
रहीम यार खान में 4 नवंबर को दीवाली उत्सव
अरोड़ा ने घोषणा की कि 4 नवंबर को रहीम यार खान में भव्य दीवाली उत्सव आयोजित होगा। उन्होंने सिंध, बलूचिस्तान और आसपास के क्षेत्रों के हिंदू समुदाय के सदस्यों को भी इसमें भाग लेने का निमंत्रण दिया।
उन्होंने बताया कि 6 नवंबर को लाहौर में भी रंगारंग दीवाली समारोह आयोजित किया जाएगा।
अल्पसंख्यकों के अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता पर जोर
मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार हिंदू समुदाय के साथ दीवाली की खुशियां साझा करने और सभी अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ शरीफ द्वारा अल्पसंख्यकों को अपने सिर का ताज बताए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनके अधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता और गरिमा की सुरक्षा के लिए व्यावहारिक कदम उठाए जा रहे हैं।
अरोड़ा ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए की गई पहल इसी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उनके अनुसार, इन उपायों का उद्देश्य पूरे पंजाब में अल्पसंख्यक समुदायों के लिए सुरक्षित, शांतिपूर्ण और समावेशी वातावरण तैयार करना है।
शांति और आशा का संदेश देती है दीवाली
दीवाली को खुशियों, प्रेम और रोशनी का त्योहार बताते हुए अरोड़ा ने कहा कि यह अवसर शांति और आशा का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि इन समारोहों के माध्यम से पाकिस्तान दुनिया को प्रेम और भाईचारे का संदेश दे रहा है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकारों की गारंटी देता है और हिंदू समुदाय, अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की तरह, देश का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रत्येक नागरिक धार्मिक पहचान से परे समान सम्मान, गरिमा और अवसरों का हकदार है।
समुदायों के बीच आपसी समझ बढ़ाने का उद्देश्य
मंत्री ने कहा कि दीवाली समारोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक स्वतंत्रता और सद्भाव का संदेश प्रस्तुत करने का अवसर हैं। ऐसे आयोजन विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच आपसी समझ, सहिष्णुता और सम्मान मजबूत करने में सहायक हो सकते हैं।
अरोड़ा ने पाकिस्तान की धरती को शांति, प्रेम और भाईचारे का प्रतीक बताया। उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार हिंदू समुदाय के साथ दीवाली मनाएगी और पूरे प्रांत में एकता, धार्मिक सद्भाव तथा आपसी सम्मान को बढ़ावा देने के प्रयास जारी रखेगी।
Posted By: Ali Imran Chattha