हिंदू आस्था और भारतीय डॉक्टरों पर रब्बी योसी मिज़राची की टिप्पणियों वाला वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित
अंतरराष्ट्रीय डेस्क (नज़राना टाइम्स): इज़राइली-अमेरिकी रब्बी योसी मिज़राची का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें वह गाय के प्रति हिंदुओं की श्रद्धा का मजाक उड़ाते और भारतीय डॉक्टरों के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां करते दिखाई देते हैं।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, यह क्लिप उनके यूट्यूब चैनल पर लगभग 28 अक्टूबर 2026 को प्रसारित एक प्रवचन का हिस्सा है। मूल वीडियो का लिंक उपलब्ध नहीं कराया गया है, इसलिए इसकी तारीख, प्रामाणिकता और पूरे संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कथित निजी घटना का दिया उदाहरण
क्लिप के दिए गए विवरण के मुताबिक, मिज़राची ने एक भारतीय व्यक्ति का उल्लेख किया, जो कथित तौर पर उनके फेसबुक पेज के लिए काम करता था और यहूदी धर्म अपनाना चाहता था। उन्होंने दावा किया कि उस व्यक्ति के पिता और भाई गाय के सामने सिर झुकाते थे और उसे अपने घर के बैठक कक्ष में लाते थे।
इसके बाद उन्होंने गोमूत्र के सेवन के बारे में दावे किए और कथित व्यवहार को व्यापक रूप से हिंदुओं तथा भारतीयों से जोड़कर प्रस्तुत किया। इन सामान्यीकरणों के समर्थन में उपलब्ध सामग्री में कोई साक्ष्य नहीं दिया गया है।
भारतीय डॉक्टरों के बारे में भी अपुष्ट दावे
मिज़राची ने अपनी टिप्पणियों में चिकित्सा पेशेवरों को भी शामिल करते हुए दावा किया कि कुछ डॉक्टर ऐसी प्रथाएं अपनाते हैं। उन्होंने नई दिल्ली के एक अस्पताल में डॉक्टर से काल्पनिक मुलाकात का वर्णन किया और उसके पिछली रात गोमूत्र पीने की संभावना का मजाक उड़ाया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि अन्यत्र उपलब्ध नहीं होने पर भारतीय लोग दवा की दुकानों से गोमूत्र खरीदते हैं। ये मिज़राची के दावे हैं और इन्हें भारतीय डॉक्टरों या समूचे हिंदू समुदाय के बारे में स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
सड़क पर गाय बैठने का काल्पनिक प्रसंग
दिए गए विवरण के अनुसार, मिज़राची ने “सूज़ी” नाम की एक गाय के नई दिल्ली की सड़क के बीच बैठकर यातायात रोकने का काल्पनिक प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने दावा किया कि धार्मिक विश्वासों के कारण लोग उसे हटाने की हिम्मत नहीं करेंगे।
बताया गया है कि अंत में उन्होंने अपने श्रोताओं और भारतीयों के बीच अपमानजनक तुलना करते हुए इस अंतर के लिए ईश्वर का आभार जताने की बात कही।
उपलब्ध सामग्री में मिज़राची का कोई स्पष्टीकरण या संबंधित संगठनों की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
Posted By: Ali Imran Chattha