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पतंगबाज़ी से हुई मौतों और हादसों के बाद जमात-ए-इस्लामी ने बसंत पर प्रतिबंध की मांग की

06 Feb, 2026 09:20 PM
पतंगबाज़ी से हुई मौतों और हादसों के बाद जमात-ए-इस्लामी ने बसंत पर प्रतिबंध की मांग की

लाहौर (नज़राना टाइम्स) अली इमरान चठ्ठा 
 

बसंत (पतंगबाज़ी) के दौरान लगातार हो रही मौतों और गंभीर हादसों के बाद जमात-ए-इस्लामी ने रिहायशी इलाकों में इस त्योहार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
यह मांग जमात-ए-इस्लामी लाहौर के अमीर, एडवोकेट ज़िया-उद-दीन अंसारी द्वारा जनरल अस्पताल में 37 वर्षीय मुहम्मद यासीन की हालत जानने के बाद की गई। यासीन पतंग की डोर से गंभीर रूप से घायल हुए हैं और अस्पताल में इलाजरत हैं। इस मौके पर पब्लिक एड कमेटी लाहौर के अध्यक्ष क़ैसर शरीफ समेत हाफ़िज़ लाइक़ शाहिद, डॉ. बुर्हान और गुलाम हुसैन तबस्सुम भी मौजूद थे।
अस्पताल के बाहर मीडिया से बात करते हुए एडवोकेट ज़िया-उद-दीन अंसारी ने बसंत समारोहों की कड़ी निंदा करते हुए कहा,“बसंत अब मनोरंजन नहीं रहा, यह एक खूनी खेल बनता जा रहा है।”
उन्होंने बताया कि“सिर्फ़ 18 घंटों में 2 लोगों की मौत हो चुकी है और 31 से अधिक लोग घायल हुए हैं।”
अंसारी ने कहा कि गलियों और मोहल्लों में बसंत मनाने की अनुमति देना लोगों की जान से खेलने के बराबर है। उन्होंने सीधे पंजाब के मुख्यमंत्री से बसंत पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की और कहा कि बसंत के दौरान होने वाले हादसों की ज़िम्मेदारी पंजाब सरकार पर आती है।
उन्होंने सुझाव दिया कि यदि बसंत मनाना ही है तो इसे खुले मैदानों या रवि नदी के किनारे जैसे निर्धारित क्षेत्रों तक सीमित किया जाए।

“बसंत के नाम पर घरों के चिराग बुझाए जा रहे हैं,” उन्होंने मौतों का ज़िक्र करते हुए कहा।
जमात-ए-इस्लामी के नेता ने बसंत के दौरान हुई मौतों और घायल होने के मामलों में एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की।

Posted By: TAJEEMNOOR KAUR