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अंतरधार्मिक सौहार्द सम्मेलन को संघीय और प्रांतीय मंत्रियों ने संबोधित किया

16 Feb, 2026 11:08 PM
अंतरधार्मिक सौहार्द सम्मेलन को संघीय और प्रांतीय मंत्रियों ने संबोधित किया

“पाकिस्तान हमारी पहचान है, धार्मिक सौहार्द सीमाओं से परे जाना चाहिए”
लाहौर  नज़राना टाइम्स  अली इमरान चठ्ठा
 

लाहौर के कैथेड्रल चर्च में धार्मिक सौहार्द और आपसी समझ को बढ़ावा देने के लिए आयोजित एक विशेष सम्मेलन को संघीय और प्रांतीय मंत्रियों तथा धार्मिक विद्वानों ने संबोधित किया। वक्ताओं ने पाकिस्तान में अंतरधार्मिक सौहार्द की उत्कृष्ट परंपराओं को उजागर किया।
संघीय मंत्री धार्मिक मामलों एवं अंतरधार्मिक सौहार्द Sardar Muhammad Yusuf ने कहा कि पाकिस्तान हमारी पहचान है और धार्मिक सौहार्द का उद्देश्य आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि धार्मिक सहिष्णुता समाज में शांति और स्थिरता लाती है। हमें देश की स्थिरता और समृद्धि के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक ऐसा देश है जहां विभिन्न धर्मों के लोग अपने धार्मिक अनुष्ठान स्वतंत्र रूप से निभाते हैं और त्योहार मनाते हैं। कोई भी धर्म आतंकवाद या नफरत की शिक्षा नहीं देता।
राज्यमंत्री अंतरधार्मिक सौहार्द Kheal Das Kohistani ने कहा कि धार्मिक सौहार्द सीमाओं से परे जाना चाहिए। प्रधानमंत्री Muhammad Shehbaz Sharif के नेतृत्व में हम क़ायदे-आज़म के धार्मिक सौहार्द के दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सभी धर्मों के लोगों के साथ प्रतिबद्ध है और अन्याय करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि शहबाज़ शरीफ केवल मुसलमानों के नहीं बल्कि पूरे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हैं, इसलिए दिवाली और क्रिसमस जैसे त्योहार प्रधानमंत्री हाउस में मनाए गए।
पंजाब के प्रांतीय मंत्री अल्पसंख्यक मामलों के लिए Sardar Ramesh Singh Arora ने कहा कि पंजाब सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान का अस्तित्व ही अल्पसंख्यकों की सबसे बड़ी गारंटी है।” उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री Maryam Nawaz Sharif के निर्देशन में अल्पसंख्यक समुदायों के विकास के लिए विशेष परियोजनाएं शुरू की गई हैं।
सम्मेलन को अन्य वक्ताओं में रुएत-ए-हिलाल कमेटी के अध्यक्ष Maulana Abdul Khabir Azad, बिशप नदीम कमरान, इस्लामी विचारधारा परिषद के अध्यक्ष डॉ. रागिब हुसैन नईमी और पाकिस्तान उलेमा काउंसिल के अध्यक्ष हाफिज ताहिर महमूद अशरफी शामिल थे। वक्ताओं ने कहा कि हालिया घटनाओं के दौरान पूरा देश, जिसमें अल्पसंख्यक भी शामिल थे, सरकार और सशस्त्र बलों के साथ एकजुट खड़ा रहा।
संघीय मंत्री सरदार मुहम्मद यूसुफ ने इस्लामाबाद की इमामबाड़ा में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि राष्ट्र ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एकजुट रहेगा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता और सभी आतंकवादी मानवता के दुश्मन हैं।
भारतीय आरोपों के जवाब में खेल दास कोहिस्तानी ने कहा कि भारत ने कायरतापूर्ण कार्रवाई की और पहलगाम घटना के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत को तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की पेशकश की।
सम्मेलन के अंत में पाकिस्तान में शांति, धार्मिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता के लिए विशेष प्रार्थना की गई।

Posted By: TAJEEMNOOR KAUR