सिंध में हिंदुओं के विरासत अधिकारों पर कराची में राष्ट्रीय परामर्श बैठक
- इंटरनेशनल
- (Asia/Kolkata)
डॉ. शाम सुंदर आडवाणी ने प्रस्तावित कानून को पूर्ण समर्थन का दिया भरोसा; हिंदू महिलाओं और बेटियों के विरासत अधिकारों की कानूनी सुरक्षा पर जोर
कराची (नज़राना टाइम्स): सिंध में हिंदू समुदाय के विरासत अधिकारों को कानूनी रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से कराची में एक राष्ट्रीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधायकों, वकीलों, हिंदू पंचायतों के प्रतिनिधियों, सामाजिक नेताओं और नागरिक समाज से जुड़े लोगों ने भाग लिया। इस दौरान विशेष रूप से हिंदू महिलाओं और बेटियों के विरासत अधिकारों की प्रभावी कानूनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदमों पर विस्तार से चर्चा की गई।
यह बैठक अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए कार्यरत नेशनल लॉबिंग डेलिगेशन फॉर माइनॉरिटी राइट्स की ओर से आयोजित की गई। सिंध विधानसभा के सदस्य, सिंध के मुख्यमंत्री के अल्पसंख्यक मामलों के विशेष सहायक और सिंध इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के चेयरमैन डॉ. शाम सुंदर आडवाणी ने विशेष अतिथि के रूप में बैठक में भाग लिया।
बैठक में सिंध विधानसभा के डिप्टी स्पीकर नवीद एंथनी, सिंध के मुख्यमंत्री के मानवाधिकार मामलों के विशेष सहायक राजवीर सिंह सोढा, विधायक महेश कुमार हसीजा, कार्यक्रम के आयोजक कृष्णा शर्मा, सिंध विधानसभा की पूर्व सदस्य मंगला शर्मा और पूर्व सदस्य दीवान चंद चावला भी उपस्थित रहे।
इसके अलावा अधिवक्ता कल्पना देवी, रूप माला, सुरेश झामटमल और रमेश गुप्ता, ज्योति माहेश्वरी, कुमारी पुष्पा, कमला भील, सरदार कल्याण सिंह और जय प्रकाश सहित विभिन्न शहरों की हिंदू पंचायतों के प्रतिनिधि, सामाजिक एवं राजनीतिक हस्तियां, नेशनल लॉबिंग डेलिगेशन के सदस्य और अन्य गणमान्य लोग भी बैठक में शामिल हुए।
कानूनी, सामाजिक और संवैधानिक पहलुओं पर चर्चा
बैठक के दौरान एक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक नेताओं, हिंदू पंचायतों के प्रतिनिधियों, वकीलों और नागरिक समाज के सदस्यों ने भाग लिया।
पैनल ने सिंध में हिंदुओं के विरासत अधिकारों से जुड़े कानूनी, सामाजिक और संवैधानिक पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। हिंदू समुदाय, विशेषकर महिलाओं और बेटियों के विरासत अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा के लिए आवश्यक कानून और कानूनी प्रावधानों पर भी चर्चा हुई।
पीपीपी अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध: आडवाणी
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. शाम सुंदर आडवाणी ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कानून बनाने के लिए नेशनल लॉबिंग डेलिगेशन और अधिवक्ता झामटमल द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व ने हमेशा महिलाओं, बच्चों, अल्पसंख्यकों और पाकिस्तान के सभी नागरिकों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई है। पार्टी ने इन अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन्हें आगे बढ़ाने में भी अपनी भूमिका निभाई है।
विरासत सिर्फ संपत्ति नहीं, महिला की गरिमा और सुरक्षा का अधिकार: आडवाणी
डॉ. आडवाणी ने कहा कि विरासत को केवल संपत्ति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह महिला की गरिमा, सुरक्षा और परिवार में उसके उचित स्थान से जुड़ा अधिकार है।
उन्होंने कहा कि कोई भी समाज तब तक वास्तविक प्रगति नहीं कर सकता, जब तक बेटियों को अपने सपने पूरे करने के अवसर के साथ-साथ उनकी हकदार संपत्ति पर अधिकार भी नहीं दिया जाता।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म महिलाओं का सम्मान करता है और समाज को उनकी गरिमा, अधिकारों और कल्याण की रक्षा करने की शिक्षा देता है।
डॉ. आडवाणी ने कहा कि पाकिस्तान का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकारों की गारंटी देता है, इसलिए महिलाओं और बेटियों को भी कानून के तहत समान सुरक्षा और अवसर मिलने चाहिए।
प्रस्तावित कानून की मंजूरी होगी ऐतिहासिक कदम
डॉ. शाम सुंदर आडवाणी ने प्रस्तावित कानून को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक बताते हुए कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से चाहते हैं कि यह कानून व्यावहारिक रूप ले।
उन्होंने कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से चाहता हूं कि यह कानून व्यावहारिक रूप ले, क्योंकि यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि मानवता से जुड़ा एक बड़ा उद्देश्य और समाज की सेवा है। इस कानून की मंजूरी एक ऐतिहासिक कदम होगी।”
उन्होंने आगे कहा कि वह इस कानून का समर्थन केवल एक विधायक के रूप में ही नहीं, बल्कि बेटियों के पिता के रूप में भी करते हैं।
डॉ. आडवाणी ने भरोसा दिलाया कि वह प्रस्तावित विधेयक को बिना देरी सिंध विधानसभा में पेश करवाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व में सिंध विधानसभा इस विधेयक का समर्थन करेगी और इसे व्यापक सहमति से पारित कराने में अपनी भूमिका निभाएगी।
प्रतिभागियों ने जल्द कानून बनने की जताई उम्मीद
बैठक में शामिल प्रतिभागियों ने अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए डॉ. शाम सुंदर आडवाणी द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
प्रतिभागियों ने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित विधेयक जल्द ही सिंध विधानसभा में पेश किया जाएगा और मंजूरी मिलने के बाद सिंध के हिंदू समुदाय, विशेषकर महिलाओं और बेटियों के वैध विरासत अधिकारों को प्रभावी कानूनी सुरक्षा मिल सकेगी
Leave a Reply