यूनिसेफ इस्लामाबाद के प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब गृह विभाग का किया दौरा, बाल सुरक्षा उपायों की समीक्षा
- इंटरनेशनल
- (Asia/Kolkata)
अतिरिक्त सचिव आयशा मुमताज से मुलाकात; कानून-व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों पर विस्तृत चर्चा
लाहौर, 9 सितंबर (नज़राना टाइम्स): संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) इस्लामाबाद के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब गृह विभाग का दौरा किया और विदेशी नागरिक सुरक्षा मामलों की अतिरिक्त सचिव आयशा मुमताज से मुलाकात की। बैठक के दौरान प्रांत की कानून-व्यवस्था की स्थिति और बच्चों की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
यूनिसेफ के प्रतिनिधिमंडल में सुद अहमद अब्दुल्ला और मुहम्मद खालिद इरफान शामिल थे। इस अवसर पर उप सचिव मुहम्मद मुर्तजा, उप सचिव जमाल फज़ील और मुहम्मद असदुल्लाह गोंदल भी मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए आयशा मुमताज ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पंजाब सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए पंजाब में एक व्यापक बाल संरक्षण नीति लागू की गई है।
उन्होंने बताया कि जरूरतमंद और असुरक्षित परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों को सुरक्षित आश्रय, भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ मनोवैज्ञानिक और कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
आयशा मुमताज ने कहा कि बच्चों को हर प्रकार के शोषण से सुरक्षित रखना राज्य की जिम्मेदारी है और बच्चों का शोषण करने वालों को कानून के अनुसार जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
डिजिटल मीडिया और पब्लिक आउटरीच सेल का दौरा
यूनिसेफ प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब गृह विभाग के डिजिटल मीडिया और पब्लिक आउटरीच सेल का भी दौरा किया। जनसंपर्क निदेशक तौसीफ सबीह गोंदल ने प्रतिनिधिमंडल को बच्चों की सुरक्षा के लिए चलाई जा रही जन-जागरूकता पहलों के बारे में जानकारी दी।
प्रतिनिधिमंडल को बाल सुरक्षा के उद्देश्य से तैयार की गई ‘हया और बहादुर’ कार्टून श्रृंखला के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
अधिकारियों के अनुसार पंजाब गृह विभाग बच्चों को यौन शोषण से बचाने के उद्देश्य से ‘गुड टच, बैड टच’ जागरूकता अभियान चला रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को उनकी उम्र के अनुरूप सरल तरीके से सुरक्षित और अनुचित शारीरिक व्यवहार के बीच अंतर समझाना है।
‘हया और बहादुर’ कार्टून श्रृंखला के माध्यम से बच्चों को यह समझाया जा रहा है कि यदि कोई व्यक्ति उनके साथ अनुचित व्यवहार करता है या उन्हें असुरक्षित महसूस कराता है, तो वे इसकी जानकारी तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद वयस्क को दें।
अधिकारियों ने कहा कि सही शिक्षा और समय पर जागरूकता बच्चों को अनुचित व्यवहार पहचानने और उसकी जानकारी देने में मदद कर सकती है। माता-पिता और शिक्षकों को भी बच्चों के साथ व्यक्तिगत सुरक्षा के विषय पर उम्र के अनुरूप खुलकर बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
प्राथमिक स्कूल पाठ्यक्रम में जागरूकता शामिल करने की तैयारी
प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि पंजाब गृह विभाग ‘गुड टच, बैड टच’ से संबंधित उम्र के अनुरूप जागरूकता को प्राथमिक स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की दिशा में भी कदम उठा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही व्यक्तिगत सुरक्षा, शारीरिक सीमाओं और अनुचित व्यवहार की पहचान के बारे में बुनियादी जानकारी देना है।
गृह विभाग के अनुसार ऐसे जागरूकता अभियान बच्चों को दुर्व्यवहार और शोषण से बचाने के साथ-साथ किसी अनुचित स्थिति में समय पर सहायता मांगने के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
यूनिसेफ प्रतिनिधिमंडल ने बच्चों की सुरक्षा और जन-जागरूकता के लिए पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
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