SFJ के नाम से सामने आए पत्र में दिलजीत को लैटिन ग्रैमी से हटाने की मांग, घोषित सूची में नाम शामिल

SFJ के नाम से सामने आए पत्र में दिलजीत को लैटिन ग्रैमी से हटाने की मांग, घोषित सूची में नाम शामिल

न्यूयॉर्क, 6 नवंबर 2026 (नज़राना टाइम्स): सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) के नाम से प्रसारित एक पत्र में पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ को 12 नवंबर के लैटिन ग्रैमी पुरस्कार समारोह से हटाने की मांग की गई है। पत्र में अमिताभ बच्चन के प्रति उनके सार्वजनिक सम्मान पर आपत्ति जताते हुए नवंबर 1984 की सिख विरोधी हिंसा से प्रभावित परिवारों की भावनाओं का हवाला दिया गया है।

पत्र की प्रामाणिकता और लैटिन रिकॉर्डिंग अकादमी को उसके प्राप्त होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच, अकादमी ने 5 नवंबर की अपनी आधिकारिक घोषणा में दोसांझ को प्रस्तुति देने वाले कलाकारों में शामिल किया है।

अकादमी के नेतृत्व को संबोधित पत्र

उपलब्ध मसौदे के अनुसार, पत्र पर 5 नवंबर 2026 की तारीख है और यह एसएफजे के कानूनी सलाहकार गुरपतवंत सिंह पन्नू के नाम से लिखा गया है। इसे लैटिन रिकॉर्डिंग अकादमी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मैनुअल अबुद और उसके न्यासी बोर्ड को संबोधित किया गया है।

पत्र में तर्क दिया गया है कि समारोह के लिए कलाकारों का चयन करते समय अकादमी को ऐतिहासिक हिंसा से प्रभावित परिवारों की भावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए।

बच्चन के प्रति सम्मान जताने पर आपत्ति

पत्र में एक टेलीविजन कार्यक्रम के दौरान दिलजीत द्वारा अमिताभ बच्चन के पैर छूने का उल्लेख है। इसमें कहा गया है कि इस कदम को केवल एक वरिष्ठ अभिनेता के प्रति सम्मान तक सीमित रखने के बजाय 1984 की हिंसा से जुड़ी संवेदनाओं के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए।

मसौदे में बच्चन पर उस दौर में भड़काऊ टिप्पणियां करने के पुराने आरोप दोहराए गए हैं। इन आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। उपलब्ध विवरण में यह भी उल्लेख है कि बच्चन पहले इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं।

अकाल तख्त से संबंधित टिप्पणी का हवाला

पत्र में नवंबर 2025 में ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज द्वारा कथित तौर पर की गई टिप्पणी का भी हवाला दिया गया है, जिसमें दोसांझ के इस कदम पर सवाल उठाए गए थे। मूल बयान और उसके पूरे संदर्भ की इस रिपोर्ट के लिए स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

कनाडा और अमेरिका के संगीत कार्यक्रमों का उल्लेख

मसौदे में मई 2026 में कैलगरी के एक संगीत कार्यक्रम का उल्लेख है। इसमें दावा किया गया है कि कुछ दर्शकों ने खालिस्तान के झंडे दिखाए थे और दोसांझ ने बच्चन के टेलीविजन कार्यक्रम में अपनी भागीदारी का बचाव किया था।

पत्र में जून 2026 में सैन फ्रांसिस्को के चेज सेंटर में हुए कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति के झंडे के साथ मंच तक पहुंचने का भी उल्लेख है। पत्र में स्वयं स्वीकार किया गया है कि उस व्यक्ति के वास्तविक उद्देश्य की पुष्टि नहीं हो सकी। इन घटनाओं की तारीखों और पूरे संदर्भ का अलग से सत्यापन बाकी है।

1984 से प्रभावित परिवारों की समस्याओं का मुद्दा

पत्र में दिल्ली के तिलक विहार की विधवा कॉलोनी में रहने वाले प्रभावित परिवारों की आर्थिक और आवास संबंधी कठिनाइयों का उल्लेख किया गया है। इसमें मकानों के स्वामित्व, मुआवजे, बुनियादी सुविधाओं और न्याय से जुड़ी मांगों का हवाला दिया गया है।

ह्यूमन राइट्स वॉच, बीबीसी और अन्य मीडिया संस्थानों की रिपोर्टों का उल्लेख करते हुए मसौदे में हिंसा के अगली पीढ़ियों पर पड़े प्रभाव की चर्चा की गई है। पत्र में मौतों, विस्थापन और धार्मिक स्थलों को हुए नुकसान संबंधी आंकड़े स्वतंत्र पुष्टि नहीं होने के कारण इस रिपोर्ट में शामिल नहीं किए गए हैं।

अकादमी की घोषित सूची में दिलजीत का नाम

लैटिन रिकॉर्डिंग अकादमी की 5 नवंबर की आधिकारिक घोषणा में दिलजीत दोसांझ का नाम 27वें वार्षिक लैटिन ग्रैमी पुरस्कार समारोह में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों में शामिल है। समारोह 12 नवंबर को लास वेगास के एमजीएम ग्रैंड गार्डन अरीना में होना है।

प्रसारित पत्र पर दोसांझ या अकादमी की किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया की पुष्टि नहीं हुई है। उन्हें समारोह से हटाने के किसी फैसले की भी पुष्टि नहीं है। पत्र में की गई मांग और अकादमी के किसी निर्णय को अलग-अलग समझना आवश्यक है।

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