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बिजली संशोधन बिल के ख़िलाफ़ KMM भारत के आह्वान पर पंजाब भर में 2 घंटे का सांकेतिक रेल-रोको आंदोलन

05 Dec, 2025 11:05 PM
बिजली संशोधन बिल के ख़िलाफ़ KMM भारत के आह्वान पर पंजाब भर में 2 घंटे का सांकेतिक रेल-रोको आंदोलन

कई जगह झड़पें, गिरफ्तारियाँ और बाद में रिहाई


टांगरा/रिपोर्ट: सुरजीत सिंह खालसा
 

किसान मज़दूर मोर्चा (के.एम.एम.) के आह्वान पर बिजली संशोधन बिल के विरोध में आज पंजाब में दो घंटे का सांकेतिक रेल-रोको आंदोलन किया गया। पंजाब सरकार ने इस प्रदर्शन को नाकाम करने की भरपूर कोशिश की, लेकिन जनता के विरोध ने सरकार की रणनीति को असफल कर दिया। करीब 18 स्थानों पर पुलिस ने रेलमार्ग रोकने की कार्रवाई पर रोक लगाने की पूरी कोशिश की, जिसके चलते कई जगह किसानों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं और दर्जनों किसानों को हिरासत में लिया गया।

इसके बावजूद किसान कई स्थानों पर रेलें रोकने में सफल रहे। सभी किसान नेताओं की रिहाई के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया।

के.एम.एम. के वरिष्ठ नेता सरवण सिंह पंधेर ने बताया कि द‍िल्ली-अमृतसर मुख्य रेलमार्ग पर देवीदासपुरा (मेहरबानपुरा फाटक), धारीवाल रेलवे स्टेशन, अमृतसर–जम्मू मार्ग के परमाणंद फाटक, पठानकोट में लगभग 30 मिनट तक रेलमार्ग बाधित रहा, जिसके बाद किसानों को गिरफ्तार कर लिया गया।

इसी तरह—
• तरण तारन: मल्ल मोहरी और गोहलवड़
• फिरोज़पुर: बस्ती टैंकोंवाली, कोहर सिंह वाला, गुरु हरसहाय, मल्लांवाला, तलवंडी भाई, मखू
• जालंधर: शाहकोट
• कपूरथला: डडविंडी
• मोगा: घल्ल कलां, डगरू
• फाज़िल्का: शेर मोहम्मद फाटक

इन जगहों पर दोपहर 1 से 3 बजे तक ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। बठिंडा के लहरे मुहब्बत में लगभग एक घंटे के जाम के बाद किसानों को गिरफ्तार किया गया।
पंधेर ने कहा कि आज के संघर्ष ने साबित कर दिया है कि पंजाब की जनता इस बिल के कड़े विरोध में है। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री भगवंत मान तुरंत विधानसभा में इस बिल के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पास कर केंद्र सरकार को भेजें, क्योंकि यह बिल राज्यों के अधिकारों का हनन है।
उन्होंने लोगों से इस बिल के विरोध में और बड़े स्तर पर आंदोलन के लिए तैयार रहने की अपील की।
विभिन्न स्थानों पर जस्विंदर सिंह लोंगोवाल, मनजीत सिंह राए, दलबाग सिंह गिल, ओंकार सिंह भंगाला, बलदेव सिंह जीरा, सुखविंदर सिंह सभरा, मलकीत सिंह गुलामीवाला, जंग सिंह भटेड़ी समेत हज़ारों किसान, मज़दूर और महिलाएँ इस आंदोलन में शामिल हुईं।

Posted By: GURBHEJ SINGH ANANDPURI