पाकिस्तान का भारत मैच बहिष्कार, टी20 विश्व कप को करोड़ों डॉलर का नुकसान
01 Feb, 2026 11:56 PM
लाहौर, पाकिस्तान अली इमरान चठ्ठा नज़राना टाइम्स
पाकिस्तान सरकार ने आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 में राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की भागीदारी को मंजूरी दे दी है, लेकिन 15 फरवरी को कोलंबो (श्रीलंका) में होने वाले ग्रुप-स्टेज भारत-पाकिस्तान मुकाबले के बहिष्कार की पुष्टि की है। यह फैसला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को प्रसारण, विज्ञापन और टिकट बिक्री से होने वाले करोड़ों डॉलर के नुकसान की ओर ले जा सकता है।
यह घोषणा पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट के माध्यम से की गई। हालांकि बयान में बहिष्कार का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया, लेकिन सरकारी सूत्रों के अनुसार यह निर्णय बांग्लादेश के समर्थन में लिया गया है, जिसे भारत में खेलने से इनकार करने के बाद टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था।
टूर्नामेंट पृष्ठभूमि
भारत और श्रीलंका द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित टी20 विश्व कप 7 फरवरी से 8 मार्च तक चलेगा, जिसमें 20 टीमें भाग ले रही हैं। भारत-पाकिस्तान मुकाबला टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण माना जाता है, जिससे अनुमानित 50 से 70 मिलियन डॉलर की आय होती है।
24 जनवरी को बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अपने मैचों को श्रीलंका में कराने की मांग की थी, जिसे आईसीसी ने स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकन के आधार पर खारिज कर दिया और बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया।

राजनीतिक और सुरक्षा पहलू
कुछ पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस फैसले को आईसीसी की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाला बताया, खासकर तब जब आईसीसी अध्यक्ष जय शाह भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के सचिव भी हैं।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी ने बांग्लादेश के साथ “असमान व्यवहार” का आरोप लगाया और कहा कि सुरक्षा मानकों को चुनिंदा रूप से लागू किया जा रहा है।
आर्थिक प्रभाव
भारत-पाकिस्तान मैच की रद्दीकरण से आईसीसी और उसके वाणिज्यिक भागीदारों को भारी नुकसान हो सकता है। यह मुकाबला आमतौर पर 400 मिलियन से अधिक दर्शकों को आकर्षित करता है, जहां 10 सेकंड के विज्ञापन स्लॉट की कीमत 5 लाख डॉलर से अधिक होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, तात्कालिक नुकसान करोड़ों डॉलर में होगा, जबकि दीर्घकालिक प्रभाव सैकड़ों मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। कोलंबो में पर्यटन और टिकट बिक्री पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।
व्यापक दृष्टिकोण
पाकिस्तान का यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रशासन में पारदर्शिता और समानता पर बढ़ती चिंताओं को उजागर करता है, लेकिन इसके साथ भारी आर्थिक और प्रतिष्ठात्मक कीमत भी जुड़ी हुई है।
Posted By: TAJEEMNOOR KAUR







