लाहौर में कारसाज और लियाकत बाग के मृतकों को श्रद्धांजलि, पीपीपी नेताओं ने एकजुटता पर दिया जोर

लाहौर में कारसाज और लियाकत बाग के मृतकों को श्रद्धांजलि, पीपीपी नेताओं ने एकजुटता पर दिया जोर

लाहौर: पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वैलेंसिया टाउन में आयोजित कार्यक्रम में कारसाज और लियाकत बाग की घटनाओं में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने पार्टी की एकजुटता, पंजाब में जनसंपर्क बढ़ाने और लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

कार्यक्रम की मेजबानी पीपीपी मध्य पंजाब की वित्त समिति के सदस्य अशरफ खान ने की। पार्टी के मध्य पंजाब के नेता चौधरी असलम गुल मुख्य अतिथि थे। पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

संविधान और लोकतंत्र के लिए संघर्ष का उल्लेख

सभा को संबोधित करते हुए चौधरी असलम गुल ने कहा कि पीपीपी ने संविधान, लोकतंत्र तथा न्यायपालिका और संसद की सर्वोच्चता के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इस रास्ते में अनेक बलिदान दिए हैं।

गुल ने कहा कि यदि जुल्फिकार अली भुट्टो आज जीवित होते तो पाकिस्तान आर्थिक संकट में नहीं फंसता। उन्होंने पूर्व शासकों जियाउल हक और परवेज मुशर्रफ का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका अंजाम सभी के सामने है।

उन्होंने भुट्टो परिवार के साथ हुए अन्याय पर बात करते हुए बेनजीर भुट्टो और उनके पुत्रों का भी उल्लेख किया। कारसाज और लियाकत बाग के मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी के नेतृत्व में स्थानीय निकाय चुनाव लड़ेगी।

युवाओं को काम के जरिए साथ जोड़ने की अपील

पीपीपी नेता नवीद चौधरी ने कहा कि अशरफ खान ने स्मृति कार्यक्रम आयोजित करके पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को सामने रखा है। उन्होंने चौधरी असलम गुल और उस्मान मलिक जैसे नेताओं को पार्टी की पहचान बताया।

चौधरी ने कहा कि कारसाज बम धमाकों के बावजूद बेनजीर भुट्टो जनता के साथ खड़ी रहीं। उन्होंने कहा कि आज की जेनरेशन जेड कहानियों के बजाय वास्तविक काम को महत्व देती है और पीपीपी अपने काम के जरिए युवाओं को साथ जोड़ सकती है।

उन्होंने पंजाब में जनसंपर्क तेज करके पार्टी को अधिक सक्रिय बनाने की जरूरत बताई। पंजाब के मुख्यमंत्री की बेनजीर भुट्टो से तुलना पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी तुलना करने से पहले गंभीरता से सोचना चाहिए।

नवीद चौधरी ने कहा कि बिलावल भुट्टो जरदारी संसद में कार्यकर्ताओं की आवाज उठाते रहे हैं।

उस्मान मलिक ने सहमति और एकता पर दिया जोर

पीपीपी नेता उस्मान मलिक ने कहा कि 18 वर्ष बीतने के बाद भी कारसाज की घटना में मारे गए लोगों को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता की सरकार और जनता के लिए राजनीति के सिद्धांत पर संघर्ष कर रही है।

मलिक ने कहा कि 18 वर्ष पहले इस घटना में पार्टी के 180 समर्थक मारे गए थे। उन्होंने कहा कि आज भी महंगाई, बेरोजगारी और आतंकवाद के कारण लोग कठिनाइयों तथा जान के नुकसान का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पीपीपी व्यवस्था को चलाने के लिए लगातार बलिदान दे रही है। साथ ही उन्होंने पार्टी को और मजबूत करने के लिए आपसी सहमति और एकता की जरूरत पर जोर दिया।

फातिहा और मोमबत्तियां जलाकर कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम में नवीद चौधरी, उस्मान मलिक, आसिफ नागरा, उमर शरीफ बुखारी, चौधरी रियाज, फहीम ठाकुर, जुल्फिकार मुगल, मंशा भट्टी, उमर अयाज, माह आलम, एम. अशरफ ताहिर, रमजान गुल तथा अन्य पार्टी नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

मेजबान अशरफ खान ने प्रतिभागियों का आभार जताया। अंत में कारसाज के मृतकों और अन्य दिवंगत लोगों के लिए फातिहा पढ़ी गई तथा उनकी याद में मोमबत्तियां जलाई गईं।

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