भगवान श्री जगन्नाथ जी की 32वीं हरिनाम संध्या फेरी शेराँवाला गेट में भक्तिभाव के साथ संपन्न

भगवान श्री जगन्नाथ जी की 32वीं हरिनाम संध्या फेरी शेराँवाला गेट में भक्तिभाव के साथ संपन्न

कपूरथला 2 जुलाई गौरव मढिया 
आगामी 19 जुलाई, रविवार को सनातन धर्म सभा से इस्कॉन कपूरथला के तत्वावधान में आयोजित होने वाली भव्य भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा के उपलक्ष्य में इस्कॉन कपूरथला के भक्तों द्वारा नगर भर में 45 दिव्य एवं भक्तिमय संध्या फेरियों का आयोजन किया जा रहा है। इन संध्या फेरियों का उद्देश्य भगवान श्री जगन्नाथ जी की असीम कृपा, प्रेम एवं भक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना तथा समस्त नगरवासियों को इस ऐतिहासिक रथयात्रा महोत्सव से जोड़ना है।

इसी क्रम में गत दिवस भगवान श्री जगन्नाथ जी की 32वीं संध्या फेरी शेराँवाला गेट क्षेत्र में अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुई। इस दौरान भगवान श्री जगन्नाथ जी ने घर-घर जाकर भक्तों की सेवा, प्रेम एवं समर्पण को स्वीकार किया तथा अपनी विशाल करुणामयी नेत्रों से सभी पर असीम कृपा बरसाई।

संध्या फेरी का शुभारंभ श्री विनोद शाह अग्रवाल जी के निवास स्थान से हुआ, जहाँ भगवान श्री जगन्नाथ जी ने प्रथम आरती स्वीकार की। इसके पश्चात भगवान की दिव्य पालकी मोहल्ले की गलियों से होकर अनेक भक्तों के घरों तक पहुँची। जहाँ-जहाँ भगवान पधारे, वहाँ भक्ति, मंगल और आध्यात्मिक उत्साह का वातावरण व्याप्त हो गया। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा, आरती एवं हरिनाम संकीर्तन के माध्यम से भगवान का स्वागत किया।

संध्या फेरी का समापन श्री नरेंद्रपाल गुप्ता जी एवं श्री कपिल गुप्ता जी के सुंदर निवास स्थान पर भव्य महाआरती के साथ हुआ। पूरे मार्ग में सैकड़ों श्रद्धालु भगवान के पीछे-पीछे हरिनाम संकीर्तन करते हुए चलते रहे। मृदंग, करताल और मधुर कीर्तन की ध्वनि से संपूर्ण क्षेत्र भक्तिरस में सराबोर हो गया। भक्तों ने नृत्य, कीर्तन और जयघोष के माध्यम से भगवान के प्रति अपने प्रेम, श्रद्धा और समर्पण को व्यक्त किया।

मोहल्ला निवासियों का उत्साह किसी भी प्रकार से ब्रजवासियों की भक्ति से कम प्रतीत नहीं हो रहा था। वर्तमान कलियुग में ऐसे दिव्य दृश्य अत्यंत दुर्लभ हैं, जब समाज का प्रत्येक वर्ग भगवान के पीछे श्रद्धापूर्वक चलकर भक्ति और आध्यात्मिकता का उत्सव मनाता दिखाई दे। इस्कॉन कपूरथला के भक्तगण भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों की परवाह किए बिना घर-घर जाकर श्रीहरि भक्ति का संदेश पहुँचा रहे हैं तथा लोगों को जीवन के वास्तविक उद्देश्य की ओर प्रेरित कर रहे हैं।

इस अवसर पर संस्था के संचालक नकुल दास प्रभु ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भगवान श्री जगन्नाथ जी की महिमा से युक्त अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रेरणादायक कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसका प्रत्येक क्षण अमूल्य है। इस जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक उपलब्धियाँ प्राप्त करना नहीं, बल्कि अपने हृदय में सुप्त भगवत्प्रेम को जागृत कर भगवान की शरण ग्रहण करना है। उन्होंने बताया कि भगवान की भक्ति के माध्यम से मनुष्य इसी जीवन में भगवद्धाम की प्राप्ति कर सकता है तथा कलियुग के प्रभावों से मुक्त हो सकता है।

प्रभु जी ने श्रद्धालुओं से आह्वान करते हुए कहा कि जब हम भगवान श्री जगन्नाथ जी के रथ के समक्ष उपस्थित हों, तब हमें विनम्रतापूर्वक प्रार्थना करनी चाहिए— “हे प्रभु! हम आपके हैं और आप हमारे हैं। कृपया हमें इस भवसागर से पार कर अपने श्रीचरणों की शरण प्रदान करें तथा अपने दिव्य धाम तक पहुँचाएँ।”

प्रभु जी के भावपूर्ण प्रवचनों को सुनकर सभी श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। तत्पश्चात भव्य महाआरती, हरिनाम संकीर्तन और प्रसाद वितरण के साथ इस दिव्य संध्या फेरी का समापन हुआ।

अंत में प्रभु जी ने मोहल्ले के समस्त निवासियों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए पूरे शहरवासियों से आग्रह किया कि वे भी अपने घरों में भगवान श्री जगन्नाथ जी का स्वागत करें, उनकी कृपा प्राप्त करें तथा आगामी 19 जुलाई को आयोजित भव्य रथयात्रा में सम्मिलित होकर भगवान के रथ की रस्सी खींचने का सौभाग्य प्राप्त करें और अपने जीवन को सफल एवं धन्य बनाएं।

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