महाराजा रणजीत सिंह की 187वीं पुण्यतिथि के धार्मिक समारोह संपन्न, भारतीय सिख श्रद्धालु स्वदेश रवाना
- इंटरनेशनल
- 30 Jun, 2026 05:34 PM (Asia/Kolkata)
लाहौर (नज़राना टाइम्स) - महाराजा रणजीत सिंह की 187वीं पुण्यतिथि के अवसर पर इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) द्वारा आयोजित धार्मिक समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हो गए। इन समारोहों में भाग लेने के लिए भारत से आए सिख श्रद्धालु अपनी 10 दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद वाघा सीमा के रास्ते अपने वतन लौट गए।

वाघा बॉर्डर पर इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के सचिव नासिर मुश्ताक, पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (PSGPC) के प्रधान सरदार रमेश सिंह अरोड़ा, कमेटी के सदस्यों, श्राइंस के उप सचिव फराज अब्बास तथा अन्य अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को भावभीनी विदाई दी।
रवाना होने से पहले भारतीय सिख श्रद्धालुओं ने पाकिस्तान सरकार, इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का हार्दिक आभार व्यक्त किया। श्रद्धालुओं ने कहा कि पाकिस्तान में उन्हें प्रेम, सम्मान, धार्मिक स्वतंत्रता और उत्कृष्ट आतिथ्य का अनुभव हुआ। उन्होंने बताया कि उनके ठहरने, लंगर, परिवहन, चिकित्सा सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य सभी व्यवस्थाओं का स्तर अत्यंत सराहनीय रहा।

श्रद्धालुओं ने कहा कि दुनिया भर के सिख पाकिस्तान स्थित पवित्र गुरुद्वारों के दर्शन करने के इच्छुक हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्वदेश लौटने के बाद वे पाकिस्तान के बारे में शांति, प्रेम, भाईचारे, धार्मिक सहिष्णुता और अंतरधार्मिक सद्भाव का सकारात्मक संदेश पूरी दुनिया तक पहुँचाएंगे।
इस अवसर पर पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार रमेश सिंह अरोड़ा ने कहा कि श्रद्धालु पाकिस्तान से प्रेम और श्रद्धा का संदेश लेकर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में लगभग 50 ऐतिहासिक गुरुद्वारों के संरक्षण, जीर्णोद्धार और विकास का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने ETPB के अध्यक्ष कमर-उज़-ज़मान तथा पूरी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं के लिए किए गए प्रबंध अत्यंत प्रशंसनीय हैं।

ETPB के सचिव नासिर मुश्ताक ने कहा कि बोर्ड, जिला प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतज़ाम किए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने, अंतरधार्मिक सद्भाव को मजबूत करने तथा अल्पसंख्यकों के पवित्र धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए लगातार व्यावहारिक कदम उठा रही है।
समारोहों की समाप्ति के बाद भारतीय सिख श्रद्धालु पाकिस्तान की मधुर यादों, शुभकामनाओं और प्रेमपूर्ण भावनाओं को अपने साथ लेकर अपने देश लौट गए।
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