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पानी को लेकर टकराव का खतरा, दक्षिण एशिया में तनाव

06 May, 2026 05:45 PM

इस्लामाबाद/नई दिल्ली 

अली इमरान चठ्ठा नज़राना टाइम्स

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है, जिससे मई 2026 में संभावित सैन्य टकराव की आशंका बढ़ गई है। यह स्थिति उस समय सामने आई है जब चिनाब नदी के जल प्रवाह में अचानक भारी कमी दर्ज की गई है।
पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, हेड मराला पर पानी का प्रवाह लगभग 20,930 क्यूसेक से घटकर 9,037 क्यूसेक रह गया है। इस गिरावट ने पंजाब के कृषि क्षेत्र में गंभीर चिंता पैदा कर दी है, खासकर तब जब किसान खरीफ फसलों की बुवाई में लगे हुए हैं।
पाकिस्तान का आरोप है कि भारत ने बगलिहार डैम में जल भराव के लिए जानबूझकर पानी रोका है, जो सिंधु जल संधि का उल्लंघन है।
यह विवाद जम्मू-कश्मीर में भारत की जलविद्युत परियोजनाओं को लेकर पुरानी चिंताओं को फिर से सामने लाता है। पाकिस्तान का कहना है कि इन परियोजनाओं के माध्यम से भारत नदी के प्रवाह को नियंत्रित कर सकता है।
2007 में एक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ ने इस मुद्दे पर कुछ आपत्तियों को सही माना था और डिजाइन में बदलाव की सिफारिश की थी। पाकिस्तान का दावा है कि भारत अब भी उन शर्तों का पूरी तरह पालन नहीं कर रहा।
दोनों देशों के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है। भारत के रक्षा मंत्री ने अपने रणनीतिक हितों की रक्षा की बात कही, जबकि पाकिस्तान की ओर से चेतावनी दी गई है कि पानी रोकने की कोशिश का कड़ा जवाब दिया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हालात पिछले साल की तरह खतरनाक दिशा में बढ़ सकते हैं। हालांकि परमाणु हथियारों के कारण पूर्ण युद्ध की संभावना कम है, लेकिन सीमित संघर्ष या गलत आकलन का खतरा बढ़ गया है।
यह संकट दिखाता है कि पानी अब केवल संसाधन नहीं, बल्कि एक रणनीतिक हथियार बनता जा रहा है। आने वाले दिन तय करेंगे कि क्षेत्र में शांति बनी रहेगी या टकराव बढ़ेगा।

Posted By: Ali Imran Chattha

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