चीन इस्लामाबाद को देगा करीब 3 अरब रुपये के 21 आधुनिक फायर और रेस्क्यू वाहन
88 मीटर ऊंचाई तक पहुंचने वाला आधुनिक स्नॉर्कल फायर टेंडर भी नए बेड़े में होगा शामिल
इस्लामाबाद — नज़राना टाइम्स
रिपोर्ट: अली इमरान चट्ठा
चीन पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद की आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए 21 आधुनिक फायर और रेस्क्यू वाहन तथा विशेष आपातकालीन उपकरण उपलब्ध कराने की तैयारी में है। इस सहायता की कुल कीमत करीब 3 अरब पाकिस्तानी रुपये बताई जा रही है। सरकारी और आधिकारिक सूत्रों के हवाले से सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, इस सहायता का मूल्य लगभग 72.31 मिलियन चीनी युआन है। यह उपकरण पाकिस्तान और चीन के बीच वर्ष 2024 में हुए एक समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नया फायर और रेस्क्यू बेड़ा सितंबर 2026 में पाकिस्तान पहुंचने की उम्मीद है।
यह कदम इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) में हाल ही में हुई आग की घटना के बाद सामने आया है। 26 अगस्त को मदर एंड चाइल्ड हेल्थ सेंटर में हुई इस घटना में 14 नवजात बच्चों की मौत हो गई थी। आपातकालीन प्रतिक्रिया के दौरान छह फायर टेंडर और चार एंबुलेंस को बचाव अभियान में लगाया गया था।
88 मीटर तक पहुंचेगा आधुनिक स्नॉर्कल
चीन की ओर से मिलने वाले नए उपकरणों में एक अत्याधुनिक स्नॉर्कल फायर टेंडर भी शामिल होगा, जो लगभग 88 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचने में सक्षम बताया जा रहा है।
इस्लामाबाद में मौजूदा स्नॉर्कल वाहनों की अधिकतम पहुंच करीब 68 मीटर बताई जाती है। ऐसे में नया उपकरण ऊंची इमारतों में आग लगने या अन्य आपात स्थितियों के दौरान राहत और बचाव कार्यों की क्षमता को काफी बढ़ा सकता है।
करीब दो दशक पुराने बेड़े को मिलेगा बड़ा अपग्रेड
रिपोर्टों के मुताबिक, इस्लामाबाद फायर ब्रिगेड का मौजूदा बेड़ा करीब दो दशक पुराना है और वाहनों की आखिरी बड़ी खरीद वर्ष 2006 के आसपास की गई थी।
नए वाहनों के शामिल होने से आग की घटनाओं, सड़क दुर्घटनाओं, ऊंची इमारतों में आपात स्थिति और अन्य गंभीर घटनाओं से निपटने की क्षमता बेहतर होने की उम्मीद है।
चार नए Rescue 1122 और फायर स्टेशन की योजना
इसके साथ ही कैपिटल डेवलपमेंट अथॉरिटी (CDA) इस्लामाबाद में चार नए Rescue 1122 और फायर स्टेशन स्थापित करने की योजना पर भी आगे बढ़ रही है।
ये नए स्टेशन G-11, I-14, I-9 और मॉडल टाउन हुमक में स्थापित किए जाने की योजना है। इसका उद्देश्य राजधानी के विभिन्न इलाकों में आपातकालीन सेवाओं की पहुंच बेहतर करना और प्रतिक्रिया समय कम करना है।
PIMS अग्निकांड के बाद फायर सेफ्टी पर बढ़ा ध्यान
PIMS में हुई हालिया घटना के बाद सरकारी अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में फायर सेफ्टी तथा आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू हुई है।
सरकारी जांच में कथित तौर पर फायर सेफ्टी और आपातकालीन व्यवस्थाओं से जुड़ी गंभीर कमियों की पहचान की गई। इसके बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जांच में जिम्मेदार ठहराए गए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए।
इस पृष्ठभूमि में चीन की ओर से मिलने वाली यह सहायता इस्लामाबाद के पुराने हो रहे फायर और रेस्क्यू ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। खास तौर पर ऊंची इमारतों में होने वाली आपात स्थितियों से निपटने में नया बेड़ा राजधानी की क्षमता को मजबूत कर सकता है।
नज़राना टाइम्स | इस्लामाबाद
रिपोर्ट: अली इमरान चट्ठा
Posted By: Ali Imran Chattha