वायरल दावा: क्या ईरान में ट्रंप के ‘Boots on the Ground’ बने इराकी कुर्द? सबूत नहीं करते पुष्टि
वॉशिंगटन/एरबिल (नज़राना टाइम्स) — सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि इराकी कुर्दों ने अमेरिका के प्रति वफादारी की घोषणा कर दी है और अब वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए ईरान के अंदर गैर-पश्चिमी ‘Boots on the Ground’ के रूप में काम कर रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टिंग इस दावे की पुष्टि नहीं करती।
‘Charlie Ward’ नाम से जुड़े एक X अकाउंट की पोस्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप ने “असंभव को संभव” कर दिखाया है और ईरान में गैर-पश्चिमी जमीनी ताकत हासिल कर ली है। लेकिन पोस्ट में इन दावों के समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज या प्रमाण नहीं दिया गया है।
असल मामला क्या है?
इस वायरल दावे के पीछे कुछ वास्तविक घटनाक्रम जरूर हैं। इस वर्ष अमेरिकी अधिकारियों और उत्तरी इराक में मौजूद ईरानी कुर्द विपक्षी संगठनों के बीच ईरान से संबंधित संभावित भूमिका को लेकर संपर्क और बातचीत की खबरें सामने आई थीं।
लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का ईरानी कुर्द विपक्षी संगठनों के साथ संपर्क होना और “इराकी कुर्दों द्वारा अमेरिका के प्रति वफादारी की घोषणा करना” दो बिल्कुल अलग बातें हैं।
इराकी और ईरानी कुर्दों के बीच महत्वपूर्ण अंतर
इस मामले में यह अंतर समझना जरूरी है कि इराकी कुर्दिस्तान की सरकार और उसकी पेशमर्गा सेनाएं तथा उत्तरी इराक में मौजूद ईरानी कुर्द विपक्षी संगठन एक ही पक्ष नहीं हैं।
कुछ ईरानी कुर्द संगठन लंबे समय से तेहरान सरकार के विरोधी रहे हैं और उत्तरी इराक में उनकी मौजूदगी रही है। इससे यह साबित नहीं होता कि इराकी कुर्दिस्तान की सरकार या पेशमर्गा ने अमेरिका की ओर से ईरान के अंदर जमीनी युद्ध में उतरने का फैसला किया है।
सितंबर 2026 की रिपोर्टिंग में भी उत्तरी इराक को ईरान के खिलाफ बड़े अमेरिकी जमीनी सैन्य अभियान के मंच के रूप में स्थापित किए जाने की पुष्टि नहीं हुई।
वायरल पोस्ट के दावे की स्थिति
21 सितंबर 2026 तक अमेरिकी अधिकारियों और कुछ ईरानी कुर्द विपक्षी समूहों के बीच संपर्कों तथा संभावित भूमिका पर चर्चा की रिपोर्टिंग मौजूद है। लेकिन ऐसी विश्वसनीय पुष्टि सामने नहीं आई है कि:
“इराकी कुर्दों ने अमेरिका के प्रति वफादारी की शपथ ले ली है” या डोनाल्ड ट्रंप के पास ईरान के अंदर कुर्द लड़ाकों के रूप में अमेरिकी ‘Boots on the Ground’ मौजूद हैं।
वायरल पोस्ट में लिखा गया “This is undeniably GENIUS” भी कोई सत्यापित तथ्य नहीं, बल्कि पोस्ट करने वाले व्यक्ति की राजनीतिक राय है।
Posted By: GURBHEJ SINGH ANANDPURI