रेव. डॉ. माजिद एबेल की माता के निधन पर नोलखा प्रेस्बिटेरियन चर्च में शोक सभा आयोजित

रेव. डॉ. माजिद एबेल की माता के निधन पर नोलखा प्रेस्बिटेरियन चर्च में शोक सभा आयोजित


लाहौर, 26 जनवरी (नज़राना टाइम्स):
 

प्रसिद्ध ईसाई धर्मगुरु रेवरेन्ड डॉ. माजिद एबेल की सम्मानित माता के दुखद निधन पर नोलखा प्रेस्बिटेरियन चर्च, लाहौर में शोक सभा (कंडोलेंस रेफरेंस) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के धार्मिक नेताओं, अंतरधार्मिक प्रतिनिधियों तथा राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़ी प्रमुख हस्तियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार के लिए धैर्य की प्रार्थना की।
शोक सभा को संबोधित करते हुए रेव. डॉ. माजिद एबेल ने अपनी माता की धार्मिक, नैतिक और सामाजिक सेवाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन धैर्य, सहिष्णुता, प्रेम और मानवता की सेवा की भावना के साथ व्यतीत किया।
ऑल सेक्ट्स बोर्ड के चेयरमैन मौलाना आसिम मखदूम ने गहरे दुख का इज़हार करते हुए कहा कि वर्तमान समय में अंतरधार्मिक सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर हमें एक-दूसरे के दुख में सहभागी बनने का संदेश देते हैं और सभी धर्म मानवता, प्रेम और शांति का पाठ पढ़ाते हैं।
यूआईओ के महासचिव जावेद विलियम ने कहा कि रेव. डॉ. माजिद एबेल की दिवंगत माता ने अपने चरित्र और परवरिश के माध्यम से न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान में अंतरधार्मिक सद्भाव की एक मजबूत परंपरा है और इस तरह के आयोजन इसे और सुदृढ़ करते हैं।
प्रोफेसर डॉ. बदर मुनीर ने कहा कि माता-पिता का सम्मान और सेवा सभी धर्मों में मूलभूत महत्व रखते हैं और मां का वियोग अपूरणीय होता है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शाश्वत शांति प्रदान की जाए और शोकाकुल परिवार को धैर्य एवं संबल मिले।
इस अवसर पर फादर जेम्स चन्नन, फादर बशारत, फादर आसिफ, डॉ. साकिब, राजनीतिक नेता सलीम भट्टी, विक्टर खान और पास्टर इमैनुएल खोखर ने भी अपने विचार और शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। अंत में फादर जेम्स चन्नन ने विशेष प्रार्थना का नेतृत्व किया।

Ali Imran Chattha
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