पेशावर का ऐतिहासिक गुरुद्वारा सिंह सभा खोलने की मांग, सिख समुदाय ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से की अपील

पेशावर का ऐतिहासिक गुरुद्वारा सिंह सभा खोलने की मांग, सिख समुदाय ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से की अपील

पेशावर (नज़राना टाइम्स): सिख समुदाय ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से पेशावर छावनी की गल्ला मंडी स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा सिंह सभा को दोबारा खोलने के लिए हस्तक्षेप की अपील की है। समुदाय के प्रतिनिधियों ने इमारत खाली कराकर धार्मिक उपासना के लिए स्थानीय सिख संगत को सौंपने की मांग की है।

जिला पेशावर अल्पसंख्यक चेयरमैन सरदार परविंदर सिंह ने प्रधानमंत्री, खैबर पख्तूनख्वा के राज्यपाल फैसल करीम कुंडी, इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) और अन्य संबंधित अधिकारियों को औपचारिक आवेदन देकर गुरुद्वारे की बहाली का आग्रह किया है।

आवेदन में 1870 के निर्माण और 1902 के पंजीकरण का उल्लेख

आवेदन के अनुसार, गुरुद्वारे का निर्माण ब्रिटिश शासन के दौरान 1870 में हुआ था और इसे 1902 में छावनी बोर्ड में पंजीकृत किया गया था। यह संपत्ति लगभग 8,030 वर्ग फुट में फैली है। आवेदन में इमारत से संबंधित ऐतिहासिक रिकॉर्ड और दस्तावेजों का भी उल्लेख किया गया है।

दुकानों, गोदामों और आवास के रूप में इस्तेमाल के आरोप

परविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि ईटीपीबी ने परिसर किराये पर दे रखा है और उसका इस्तेमाल दुकानों, गोदामों तथा आवास के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कुछ किरायेदारों ने कमरे और अन्य स्थान आगे किराये पर दे दिए हैं।

उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं के कारण सिख समुदाय अपने ऐतिहासिक धार्मिक स्थल का इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है। इन आरोपों पर ईटीपीबी और किरायेदारों की प्रतिक्रिया उपलब्ध विवरण में शामिल नहीं है।

करीब 250 सिख परिवार प्रभावित होने का दावा

सिंह ने कहा कि पेशावर छावनी में लगभग 250 सिख परिवार रहते हैं। गुरुद्वारा बंद होने के कारण उन्हें धार्मिक रस्में निभाने और समागम आयोजित करने में कठिनाइयां आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि सिख धार्मिक इतिहास में पाकिस्तान का विशेष स्थान है। उनके अनुसार, ऐसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल का बंद रहना समुदाय में निराशा पैदा करता है और धार्मिक विरासत तथा अल्पसंख्यक अधिकारों की रक्षा को लेकर देश की प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकता है।

पहले दिए गए आवेदनों और आश्वासनों का हवाला

सिंह ने बताया कि गुरुद्वारे की बहाली के लिए ईटीपीबी को पहले भी कई आवेदन दिए जा चुके हैं। उनके मुताबिक, एक सदस्यीय आयोग के अध्यक्ष शोएब सडल और ईटीपीबी के सचिव ने गुरुद्वारे का दौरा करके उसे जल्द खोलने का आश्वासन दिया था। हालांकि, इमारत अभी तक खाली नहीं कराई गई है।

शोएब सडल की अध्यक्षता वाला एक सदस्यीय आयोग पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अल्पसंख्यक अधिकारों की सुरक्षा के लिए स्थापित किया गया था।

धार्मिक उपासना के लिए इमारत संगत को सौंपने की मांग

सिंह ने प्रधानमंत्री शरीफ से तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को परिसर खाली कराने और पेशावर छावनी की सिख संगत को सौंपने के निर्देश देने की अपील की। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे की बहाली से स्थानीय सिख परिवार स्वतंत्र रूप से अपनी धार्मिक गतिविधियां कर सकेंगे।

रिपोर्ट: अली इमरान चट्ठा

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