महाराजा रणजीत सिंह की 187वीं पुण्यतिथि पर लाहौर में भव्य समारोह, सिख श्रद्धालुओं ने उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना की
- इंटरनेशनल
- 29 Jun, 2026 07:53 PM (Asia/Kolkata)
लाहौर, 29 जून: पाकिस्तान के धार्मिक मामलों एवं अंतरधार्मिक सद्भाव मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) द्वारा महाराजा रणजीत सिंह की 187वीं पुण्यतिथि के अवसर पर गुरुद्वारा डेरा साहिब, लाहौर में मुख्य श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया।
इस अवसर पर भारत सहित विभिन्न देशों से आए सिख श्रद्धालुओं, पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीएसजीपीसी) के पदाधिकारियों, ईटीपीबी के अधिकारियों तथा नागरिक समाज की अनेक प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।
समारोह में ईटीपीबी के सचिव श्री नासिर मुश्ताक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ पीएसजीपीसी के प्रधान एवं पंजाब सरकार के अल्पसंख्यक मामलों और मानवाधिकार मंत्री सरदार रमेश सिंह अरोड़ा, पीएसजीपीसी की महासचिव बीबी सतवंत कौर, सदस्य प्रोफेसर मम्पाल सिंह, अन्य कमेटी सदस्य तथा ईटीपीबी के अधिकारी भी मौजूद रहे।

अपने संबोधन में ईटीपीबी के सचिव नासिर मुश्ताक ने कहा कि ईटीपीबी के चेयरमैन कमर-उज़-जमान के निर्देशों के अनुसार भारत से आए सिख श्रद्धालुओं के लिए हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए बेहतर आवास, गुरु का लंगर, परिवहन, चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस सेवाएं तथा आपातकालीन प्राथमिक उपचार सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
उन्होंने कहा कि महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि केवल सिख समुदाय का धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आपसी सम्मान, धार्मिक सहिष्णुता और पाकिस्तान की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। उन्होंने दुनिया भर के सिखों को पाकिस्तान आने का आमंत्रण देते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार और ईटीपीबी उनकी सेवा और मेहमाननवाज़ी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

पीएसजीपीसी के प्रधान एवं पंजाब सरकार के अल्पसंख्यक मामलों और मानवाधिकार मंत्री सरदार रमेश सिंह अरोड़ा ने ईटीपीबी, जिला प्रशासन और पीएसजीपीसी की टीम द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रबंधों की सराहना की। उन्होंने कहा कि “सिख कौम पाकिस्तान का ताज है।” उन्होंने कहा कि भारत सहित दुनिया भर से आने वाली सिख संगत पाकिस्तान से प्रेम, शांति और अंतरधार्मिक सौहार्द का संदेश लेकर लौटती है। उन्होंने विश्वभर के सिख समुदाय से गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर कॉरिडोर के सुचारु संचालन और शीघ्र विकास में सहयोग देने की भावनात्मक अपील भी की।

भारत से आए सिख श्रद्धालुओं ने भी व्यवस्थाओं पर गहरा संतोष व्यक्त किया। श्रद्धालु हरजिंदर कौर ने कहा कि पाकिस्तान के ऐतिहासिक गुरुद्वारे पहले से कहीं अधिक सुंदर और बेहतर स्थिति में हैं। जत्था प्रमुख खुशविंदर सिंह ने आवास, लंगर, परिवहन और चिकित्सा सुविधाओं की प्रशंसा की, जबकि हरविंदर सिंह ने ईटीपीबी के प्रबंधन को आदर्श और अत्यंत सराहनीय बताया।
उल्लेखनीय है कि दस दिवसीय धार्मिक यात्रा पर पाकिस्तान आए भारतीय सिख श्रद्धालु 30 जून 2026 को वाघा सीमा के रास्ते भारत लौटेंगे। इस अवसर पर ईटीपीबी के सचिव नासिर मुश्ताक स्वयं वाघा बॉर्डर पहुंचकर श्रद्धालुओं को विदा करेंगे।
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