घर-घर पधार रहे हैं करुणामय भगवान श्री जगन्नाथ, बरसा रहे हैं अपनी अहेतुकी कृपा

घर-घर पधार रहे हैं करुणामय भगवान श्री जगन्नाथ, बरसा रहे हैं अपनी अहेतुकी कृपा

हरिनाम संकीर्तन, पुष्पवर्षा और भक्तों के प्रेम से भक्तिमय हुआ सम्पूर्ण क्षेत्र

कपूरथला 26 जून गौरव मढिया 

आगामी 19 जुलाई 2026 को कपूरथला नगर में आयोजित होने वाली भव्य भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव के उपलक्ष्य में इस्कॉन कपूरथला द्वारा निकाली जा रही संध्या फेरियों का क्रम निरंतर भक्तिभाव एवं उत्साह के साथ आगे बढ़ रहा है। इसी श्रृंखला में गत दिवस 24 जून को स्नेही बिहारी मंदिर, सुद्धा मंदिर, मच्छी चौक आदि क्षेत्रों में भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव एवं सुभद्रा महारानी की भव्य संध्या फेरी बड़े हर्षोल्लास एवं आध्यात्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुई।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारस चोपड़ा प्रभुजी के निवास स्थान से संपन्न हुई प्रथम आरती के साथ हुआ। भक्तों ने अत्यंत श्रद्धा एवं प्रेमभाव से भगवान की मंगल आरती उतारी। आरती के उपरांत भगवान श्री जगन्नाथ जी को सुंदर सुसज्जित रथ एवं पालकी में विराजमान किया गया तथा हरिनाम संकीर्तन के साथ संध्या फेरी का शुभारंभ हुआ।

जैसे ही "हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे" महामंत्र की दिव्य ध्वनि गलियों में गूंजने लगी, पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। भक्तगण नृत्य एवं संकीर्तन में मग्न होकर भगवान के प्रति अपने प्रेम को व्यक्त कर रहे थे। मार्ग में अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भगवान का पुष्पवर्षा द्वारा स्वागत किया तथा दर्शन कर स्वयं को धन्य अनुभव किया।

मोहल्ला निवासियों ने भगवान श्री जगन्नाथ जी को विविध प्रकार के व्यंजन, फल, मिष्ठान एवं भोग अर्पित कर उनकी कृपा प्राप्त की। प्रत्येक घर में भगवान के पावन चरण पड़ने से भक्तों ने अपने जीवन को सफल माना। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं भगवान अपने भक्तों पर कृपा दृष्टि बरसाने हेतु घर-घर पधार रहे हों।

इस अवसर पर इस्कॉन भक्तों द्वारा विशेष रूप से वरिष्ठ एवं वृद्ध वैष्णवों को हरिनाम संकीर्तन में सम्मिलित होने हेतु आमंत्रित किया गया। अनेक सम्माननीय वैष्णव इस दिव्य कार्यक्रम में उपस्थित हुए। विशेष रूप से जानवी देवी माता जी, जो अमेरिका के कैलिफोर्निया से पधारी थीं, ने अपने मधुर एवं भावपूर्ण कीर्तन से सभी भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके हृदयस्पर्शी कीर्तन को सुनकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो कपूरथला की गलियाँ स्वयं वृंदावन धाम में परिवर्तित हो गई हों।

संध्या फेरी के दौरान भक्तगण गली-गली, घर-घर भगवान श्री जगन्नाथ जी की पालकी लेकर पहुंचे और सभी को प्रभु के दिव्य दर्शन कराए। अनेक भक्तों की प्रेममयी सेवाएं स्वीकार करते हुए भगवान अंततः मधु कोली माता जी के निवास स्थान पर पहुंचे, जहां कार्यक्रम की भव्य महाआरती संपन्न हुई। उनके परिवार द्वारा भगवान का अत्यंत श्रद्धा, प्रेम एवं भव्यता के साथ स्वागत किया गया। पुष्पवर्षा, दीप आरती एवं संकीर्तन के मध्य संपन्न हुई महाआरती ने सभी भक्तों के हृदयों को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया।

कार्यक्रम के दौरान इस्कॉन के वरिष्ठ वैष्णव नकुल राज प्रभुजी एवं नीरज अग्रवाल जी ने भक्तों को संबोधित करते हुए भगवान की दिव्य कृपा एवं भक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जो भक्त तन, मन एवं धन से निष्काम भाव से भगवान की सेवा करते हैं तथा शुद्ध प्रेमभक्ति का आश्रय ग्रहण करते हैं, भगवान स्वयं उनके जीवन का मार्गदर्शन करते हैं और अंततः उन्हें अपने दिव्य धाम की प्राप्ति कराते हैं।

वक्ताओं ने रथ यात्रा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भगवान की असीम करुणा का सजीव प्रतीक है। भगवान स्वयं अपने भक्तों का प्रेम स्वीकार करने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं और सभी को अपने दिव्य सान्निध्य का अवसर प्रदान करते हैं।

प्रभुजनों की मधुर एवं प्रेरणादायक कथा सुनकर उपस्थित सभी भक्त भाव-विभोर हो गए। संपूर्ण कार्यक्रम भक्ति, प्रेम, संकीर्तन और भगवान की कृपा के दिव्य अनुभव से परिपूर्ण रहा।

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