पाकिस्तान में 2027 दक्षिण एशियाई खेलों में भाग लेने के लिए भारत की सैद्धांतिक सहमति

पाकिस्तान में 2027 दक्षिण एशियाई खेलों में भाग लेने के लिए भारत की सैद्धांतिक सहमति

इस्लामाबाद, लाहौर और पेशावर में 4 से 11 अप्रैल तक होंगे मुकाबले; भारत की भागीदारी से खेल संबंधों में नई शुरुआत की उम्मीद

अली इमरान चट्ठा | नज़राना टाइम्स

इस्लामाबाद, 8 सितंबर: भारत ने पाकिस्तान में होने वाले 14वें दक्षिण एशियाई खेलों में भाग लेने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमति दे दी है। ये खेल 4 से 11 अप्रैल 2027 तक आयोजित किए जाने हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से सीमित खेल संपर्क को देखते हुए इस घटनाक्रम को क्षेत्रीय खेल संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पाकिस्तान ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव खालिद महमूद के अनुसार, दक्षिण एशियाई ओलंपिक संगठनों की उच्चस्तरीय बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व हुआ और पाकिस्तान की ओर से दिए गए निमंत्रण को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार किया गया।
भारतीय दल में शामिल खिलाड़ियों और अधिकारियों का विस्तृत ब्यौरा जनवरी 2027 में मिलने की उम्मीद है। इससे पहले भारत के प्रतिनिधियों ने दक्षिण एशिया ओलंपिक परिषद की कार्यकारी समिति की बैठक में भी वीडियो माध्यम से भाग लिया था।
हालांकि, खेल संगठनों के स्तर पर मिली इस सहमति को अभी भारतीय दल की पाकिस्तान यात्रा के लिए सभी अंतिम सरकारी मंजूरियों के पूरा होने के समान नहीं माना जाना चाहिए।

तीन शहरों में 28 खेल

14वें दक्षिण एशियाई खेलों का आयोजन इस्लामाबाद, लाहौर और पेशावर में किया जाएगा। कुल 28 खेलों में मुकाबले होंगे और पाकिस्तान सरकार के नवीनतम अनुमान के अनुसार 6,000 से अधिक खिलाड़ियों और अधिकारियों के इसमें शामिल होने की उम्मीद है।
इस्लामाबाद प्रमुख आयोजन केंद्र होगा और यहां कई खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। लाहौर में क्रिकेट, हॉकी और तैराकी सहित कई प्रमुख मुकाबले होंगे, जबकि पेशावर को भी तीन खेलों की मेजबानी दी गई है।
पेशावर को मेजबान शहरों में शामिल किए जाने से खैबर पख्तूनख्वा को भी इस बड़े क्षेत्रीय खेल आयोजन में सीधी भागीदारी मिलेगी।
पाकिस्तान के अलावा भारत, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, मालदीव और अफगानिस्तान के खिलाड़ियों के भी इन खेलों में हिस्सा लेने की उम्मीद है।

तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार

पाकिस्तान ने दक्षिण एशियाई खेलों की तैयारियां तेज कर दी हैं। उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में खेल स्थलों, सुरक्षा, परिवहन, आवास और चिकित्सा सुविधाओं सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
विदेशी खिलाड़ियों, अधिकारियों, दर्शकों और पत्रकारों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। संबंधित अधिकारियों को खेल स्थलों का काम समय पर पूरा करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्रीय समन्वयक की नियुक्ति के साथ-साथ संचालन, आयोजन और प्रांतीय समितियों के गठन की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया गया है। तैयारियों की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी।

23 साल बाद पाकिस्तान में वापसी

पाकिस्तान ने पिछली बार 2004 में इस्लामाबाद में दक्षिण एशियाई खेलों की मेजबानी की थी। इस तरह 2027 में 23 वर्षों के बाद यह बड़ा क्षेत्रीय खेल आयोजन पाकिस्तान लौटेगा।
पाकिस्तान इससे पहले 1989 और 2004 में इन खेलों की मेजबानी कर चुका है। आगामी आयोजन तीसरी बार होगा जब दक्षिण एशियाई खेल पाकिस्तान में आयोजित किए जाएंगे।
14वें दक्षिण एशियाई खेलों को पिछले कुछ वर्षों में कई बार स्थगित करना पड़ा था। कोरोना महामारी के बाद आयोजन और समय-सारणी से जुड़ी समस्याओं के कारण भी कार्यक्रम में बदलाव हुए।

भारत की भागीदारी पर रहेगी खास नजर

भारत की संभावित भागीदारी इन खेलों के सबसे अधिक चर्चा में रहने वाले पहलुओं में से एक होगी।
भारत और पाकिस्तान के बीच हाल के वर्षों में सीधे खेल संपर्क काफी सीमित रहे हैं। खासकर द्विपक्षीय क्रिकेट मुकाबले लंबे समय से नियमित रूप से नहीं खेले जा रहे। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों का पाकिस्तान जाकर एक बड़े बहु-खेल आयोजन में भाग लेना महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जाएगा।
अगर भारतीय दल निर्धारित योजना के अनुसार पाकिस्तान पहुंचता है तो दोनों देशों के खिलाड़ियों को एक ही मेजबान देश में कई खेलों में आमने-सामने प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।
पाकिस्तान के लिए भी यह आयोजन अपने खेल ढांचे और मेजबानी क्षमता को प्रदर्शित करने के साथ दक्षिण एशियाई देशों के बीच खेल सहयोग को मजबूत करने का अवसर होगਾ

Ali Imran Chattha
Ali Imran Chattha
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