भगवान श्री जगन्नाथ जी की 17वीं संध्या फेरी निरंजन नगर एवं प्रकाश एवेन्यू में भक्ति-भाव के साथ संपन्न
- धार्मिक
- 17 Jun, 2026 04:09 PM (Asia/Kolkata)
कपूरथला, 17 जून 2026 गौरव मढिया
भगवान श्री जगन्नाथ जी की भव्य रथयात्रा आगामी 19 जुलाई 2026, रविवार को सनातन धर्म सभा, कपूरथला से बड़े ही हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ निकाली जाएगी। इस दिव्य रथयात्रा के उपलक्ष्य में इस्कॉन कपूरथला द्वारा पूरे नगर में 45 दिव्य संध्या फेरियों का आयोजन किया जा रहा है, जिनके माध्यम से भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव एवं सुभद्रा महारानी स्वयं भक्तों के द्वार पर पहुंचकर उन्हें अपनी अहैतुकी कृपा प्रदान कर रहे हैं।

इसी श्रृंखला के अंतर्गत गत दिवस 17वीं संध्या फेरी का भव्य आयोजन निरंजन नगर एवं प्रकाश एवेन्यू में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। संध्या फेरी का शुभारंभ सर्वप्रथम श्रीमती श्री गौरव नीतिका गुप्ता जी के निवास स्थान से हुआ, जहाँ भगवान श्री जगन्नाथ जी के मधुर संकीर्तन एवं दिव्य स्तुतियों की गूंज से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। परिवारजनों ने अत्यंत प्रेम एवं श्रद्धा के साथ भगवान की प्रथम आरती संपन्न की तथा अनेक प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों का भोग अर्पित किया।
भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। परिवार के सदस्यों ने भगवान को रथ पर विराजमान कर संध्या फेरी का शुभारंभ किया। अपने विशाल करुणामयी नेत्रों से भक्तों पर कृपा बरसाते हुए भगवान श्री जगन्नाथ जी अनेक घरों में दर्शन देने पहुंचे। भक्तगण पुष्पवर्षा करते हुए, जयघोष करते हुए तथा पालकी सेवा का सौभाग्य प्राप्त करते हुए भाव-विभोर दिखाई दिए।
संध्या फेरी का समापन श्री ओम ग्रोवर जी एवं श्रीमती सीमा ग्रोवर जी के निवास स्थान पर हुआ, जहाँ परिवार ने अपनी पुत्री, दामाद एवं अन्य परिजनों सहित भगवान का अत्यंत भव्य स्वागत किया। भगवान को बड़े प्रेमपूर्वक रथ से उतारकर घर में विराजमान किया गया। इस अवसर पर इस्कॉन के भक्तों एवं संचालक नकुलदास प्रभुजी द्वारा अत्यंत मधुर हरिनाम संकीर्तन प्रस्तुत किया गया। कीर्तन की दिव्य ध्वनि से ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो ग्रोवर परिवार का निवास स्थान स्वयं वृंदावन धाम में परिवर्तित हो गया हो। भक्तजन भावविभोर होकर नृत्य करते रहे तथा "जय जगन्नाथ" के उद्घोष से संपूर्ण वातावरण गुंजायमान हो उठा।

कीर्तन के पश्चात भगवान की भव्य आरतियाँ उतारी गईं तथा समस्त विश्व के कल्याण एवं सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई। परिवार द्वारा सभी भक्तों एवं अतिथियों के लिए महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई। भगवान को खिचड़ी, हलवा-पूड़ी, चने तथा विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया, जिसे बाद में प्रसाद रूप में सभी श्रद्धालुओं में वितरित किया गया।
अपने प्रेरणादायक प्रवचन में नकुलदास प्रभुजी ने भगवद्गीता के संदेश को समझाते हुए कहा कि भगवान अपने भक्तों से वचन देते हैं— "जो तुम्हारे पास है उसकी रक्षा मैं स्वयं करता हूँ और जो तुम्हारे पास नहीं है उसे भी मैं प्रदान करता हूँ।" भगवान अपने भक्तों की रक्षा करते हैं तथा उनके जीवन की प्रत्येक आवश्यकता को पूर्ण करते हैं। आवश्यकता केवल पूर्ण समर्पण, निष्कपट श्रद्धा और भगवान के चरणों में अपने हृदय को अर्पित करने की है। जब भक्त सच्चे मन से भगवान से कहता है— "हे जगन्नाथ! मैं आपका हूँ, कृपया मेरी रक्षा कीजिए," तब भगवान उसकी रक्षा के लिए तत्पर हो जाते हैं।
प्रभुजी के हृदयस्पर्शी प्रवचन सुनकर सभी श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और भगवान के प्रेम में सराबोर होकर संकीर्तन में झूमने लगे।

अंत में इस्कॉन कपूरथला की ओर से समस्त नगरवासियों से विनम्र निवेदन किया गया कि वे 19 जुलाई 2026, रविवार को सनातन धर्म सभा, कपूरथला में आयोजित भव्य भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा में अवश्य पधारें, भगवान के दर्शन करें तथा रथ की पावन रस्सी को खींचकर अपने जीवन को धन्य एवं सफल बनाएं।
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