बिलावल भुट्टो को भविष्य का प्रधानमंत्री बनाने की बात
- इंटरनेशनल
- (Asia/Kolkata)
लाहौर,(नज़राना टाइम्स) अली इमरान चठ्ठा
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि अगर शहीद Zulfikar Ali Bhutto आज जीवित होते, तो न गाजा त्रासदी होती और न ही ईरान पर युद्ध थोपा जाता। उन्होंने कहा कि भुट्टो परिवार की कुर्बानियों की वजह से ही पाकिस्तान का संघीय ढांचा और लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम है।
ये बातें लाहौर के जोहर टाउन में आयोजित सेमिनार “एटम बम से मिसाइल टेक्नोलॉजी तक: शहीद भुट्टो और शहीद Benazir Bhutto का अटूट पाकिस्तान” में कही गईं।
प्रमुख वक्ता
सेमिनार को फैसल मीर, डॉ. आयशा शौकत, मकसूमा बुखारी, मजीद घौरी, नसिरा शौकत, नरगिस खान, शाहिदा जबीन और ताहिरा हबीब जलीब ने संबोधित किया।
मीनार-ए-पाकिस्तान पर मूर्तियों की मांग
फैसल मीर ने मीनार-ए-पाकिस्तान पर Zulfikar Ali Bhutto और Benazir Bhutto की मूर्तियां स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे भारी बहुमत से पारित किया गया।
मुख्य बिंदु
वक्ताओं ने कहा कि भुट्टो के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम ने पाकिस्तान की सुरक्षा को मजबूत किया। उन्होंने “रोटी, कपड़ा, मकान” को पार्टी का मूल एजेंडा बताते हुए कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल नारों से संभव नहीं।
उन्होंने भुट्टो की उस उपलब्धि का भी जिक्र किया जिसमें 90,000 युद्धबंदियों को सम्मानपूर्वक वापस लाया गया। वक्ताओं ने कहा कि जबरन गुमशुदगियों का दौर जनरल जिया-उल-हक के शासन में शुरू हुआ।
एक वक्ता ने कहा:“भुट्टो शहीद थे, हैं और हमेशा रहेंगे।”
वक्ताओं ने यह भी कहा कि Asif Ali Zardari ने बेनजीर भुट्टो की शहादत के बाद “पाकिस्तान खप्पे” के नारे के जरिए देश को एकजुट रखा।कुछ वक्ताओं ने पार्टी नेतृत्व से सरकार से बाहर निकलने की अपील भी की।
भविष्य की उम्मीद
वक्ताओं ने कहा कि अब सभी उम्मीदें Bilawal Bhutto Zardari से जुड़ी हैं और उन्हें देश का प्रधानमंत्री बनाने का लक्ष्य है।
क्रांतिकारी कविता
अंत में ताहिरा हबीब जलीब ने अपने पिता Habib Jalib की क्रांतिकारी कविता सुनाई:
“कातिल बदलते नहीं, सिर्फ चेहरे बदलते हैं…”
“बंदूक वाले भी एक भूखी, निहत्थी औरत से डरते हैं…”
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