पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम कराया: एक ऐतिहासिक कूटनीतिक सफलता
- इंटरनेशनल
- (Asia/Kolkata)
रिपोर्ट: अली इमरान चट्ठा
इस्लामाबाद – 8 अप्रैल 2026
एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि के तहत पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम कराने में सफलता हासिल की है, जिससे पिछले छह हफ्तों से जारी भीषण संघर्ष अस्थायी रूप से रुक गया है। 7 अप्रैल 2026 को घोषित यह समझौता 2026 के ईरान युद्ध में एक अहम मोड़ माना जा रहा है।
इस्लामाबाद समझौता
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने गुप्त वार्ताओं के जरिए “इस्लामाबाद समझौता” तैयार किया। यह युद्धविराम 8 अप्रैल से लागू हुआ।
समझौते के तहत ईरान ने दो सप्ताह के लिए होरमुज़ जलडमरूमध्य को व्यापारिक जहाजों के लिए खोलने पर सहमति दी है।
हालांकि, युद्धविराम की सीमा को लेकर मतभेद हैं। पाकिस्तान ने इसे हर जगह लागू बताया, जबकि इज़राइल ने कहा कि यह लेबनान पर लागू नहीं होता।
पाकिस्तान की भूमिका
पाकिस्तान ने ईरान और पश्चिमी देशों के साथ अपने संबंधों का लाभ उठाते हुए एक निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभाई। दोनों पक्षों को 11 अप्रैल से इस्लामाबाद में वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया है।
युद्ध का पृष्ठभूमि
28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस संघर्ष में भारी नुकसान हुआ:
• ईरान में व्यापक तबाही और बड़े नेताओं की मौत
• अमेरिका और इज़राइल को भी भारी नुकसान
• होरमुज़ जलडमरूमध्य बंद होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
युद्धविराम की घोषणा के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई और वैश्विक बाजारों में सुधार देखा गया। संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने पाकिस्तान की सराहना की।
चुनौतियां
• इज़राइल की असहमति
• ईरान की कड़ी शर्तें
• सीमित दो सप्ताह की अवधि
• हिज़्बुल्लाह की भूमिका
विश्लेषण
यह सफलता पाकिस्तान की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति को मजबूत करती है। अब यह देखना होगा कि यह युद्धविराम स्थायी शांति में बदलता है या नहीं।
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