क़ायदे-आज़म मुहम्मद अली जिन्ना (रह.) की जयंती पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का संदेश

क़ायदे-आज़म मुहम्मद अली जिन्ना (रह.) की जयंती पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का संदेश

अली इमरान चठ्ठा नज़राना टाइम्स

आज का दिन क़ौम के पिता क़ायदे-आज़म मुहम्मद अली जिन्ना (रह.) को श्रद्धांजलि अर्पित करने का दिन है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज़ शरीफ़ के साथ मिलकर क़ायदे-आज़म की अटल आस्था, सिद्धांत आधारित नेतृत्व और अथक संघर्ष के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराते हैं, जिसने पाकिस्तान के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाई।
क़ायदे-आज़म मुहम्मद अली जिन्ना (रह.) लोकतंत्र, न्याय और समानता के प्रबल समर्थक थे। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री इस बात पर पूर्णतः सहमत हैं कि ये मूल्य आज भी हमारे राष्ट्रीय सफ़र की बुनियाद हैं और राज्य की नीतियों, निर्णय-प्रक्रियाओं तथा संस्थागत कार्यों का मार्गदर्शन करते रहना चाहिए। प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज़ शरीफ़ ने बार-बार इस बात पर ज़ोर दिया है कि एकता, आस्था और अनुशासन का संदेश आज भी राष्ट्रीय प्रगति का स्पष्ट मार्ग दिखाता है।
क़ायदे-आज़म (रह.) की 150वीं जयंती की ओर बढ़ते हुए, राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज़ शरीफ़ के साथ मिलकर उनके जीवन, संघर्ष और दृष्टिकोण पर गंभीर आत्ममंथन की आवश्यकता पर बल देते हैं। प्रधानमंत्री इस अवसर को क़ायदे-आज़म के आदर्शों के प्रति राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को नए सिरे से सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण अवसर मानते हैं।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सभी पाकिस्तानियों, विशेष रूप से युवाओं, से अपील करते हैं कि वे इन उच्च मूल्यों से जुड़े रहें और एक शांतिपूर्ण, समावेशी और प्रगतिशील पाकिस्तान के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। प्रधानमंत्री के अनुसार, एकता, साहस और सामूहिक संकल्प के माध्यम से ही देश मौजूदा चुनौतियों का सामना कर सकता है।
राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी और प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज़ शरीफ़ लोकतंत्र को मज़बूत करने, सहिष्णुता को बढ़ावा देने और बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपने संकल्प की पुनः पुष्टि करते हैं। यही वह पाकिस्तान है जिसकी कल्पना क़ायदे-आज़म मुहम्मद अली जिन्ना (रह.) ने की थी।

Ali Imran Chattha
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