बेनज़ीर भुट्टो की 18वीं शहादत पर बिलावल भुट्टो का मेल-मिलाप का आह्वान

बेनज़ीर भुट्टो की 18वीं शहादत पर बिलावल भुट्टो का मेल-मिलाप का आह्वान

नज़राना टाइम्स अली इमरान चठ्ठा
 

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने शहीद नेता मोहतर्मा बेनज़ीर भुट्टो की 18वीं शहादत पर घारी खुदा बख्श में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्हें इस्लामी दुनिया की पहली और पाकिस्तान की दो बार निर्वाचित महिला प्रधानमंत्री तथा महान राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बेनज़ीर भुट्टो का अंतिम संदेश मेल-मिलाप था और राजनीतिक दलों को अतिवाद छोड़ना होगा।
बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने कहा कि देश की आर्थिक समस्याओं और बाहरी चुनौतियों से निपटने के लिए आंतरिक राजनीतिक संकट का समाधान बेहद ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि केवल “मेल-मिलाप के राजा” राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ही देश को मौजूदा राजनीतिक विभाजन से बाहर निकाल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि 18 साल बाद भी देश के चारों प्रांतों से लाखों लोग हर साल घारी खुदा बख्श पहुंचकर यह संदेश देते हैं कि “बीबी कल भी ज़िंदा थीं, बीबी आज भी ज़िंदा हैं।” उन्होंने जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका समर्थन पार्टी को इस्लामाबाद जाकर जनता की समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करने की ताकत देता है। इस अवसर पर राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी, प्रथम महिला आसिफ़ा भुट्टो ज़रदारी और वरिष्ठ पार्टी नेता भी मौजूद थे।
बिलावल ने कहा कि घारी खुदा बख्श की कुर्बानियों के कारण पाकिस्तान को हालिया मई युद्ध में भारत के खिलाफ सफलता मिली, जिसकी पूरी दुनिया में सराहना हुई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का परमाणु शक्ति बनना भी इसी धरती की कुर्बानियों का नतीजा है और शहीद बेनज़ीर भुट्टो ने देश की रक्षा के लिए मिसाइल तकनीक हासिल की। उन्होंने दावा किया कि हालिया युद्ध में भारत के छह विमान गिराने वाले लड़ाकू विमान भी राष्ट्रपति ज़रदारी ने चीन से हासिल किए थे।
उन्होंने पाकिस्तान-चीन दोस्ती को शहीद ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो की विरासत बताते हुए कहा कि इसे बेनज़ीर भुट्टो और राष्ट्रपति ज़रदारी ने और मज़बूत किया। उन्होंने कहा कि सीपीईसी जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स की नींव भी राष्ट्रपति ज़रदारी ने अपने पिछले कार्यकाल में रखी।
बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने 27वें संवैधानिक संशोधन को पार्टी कार्यकर्ताओं की जीत बताया और कहा कि इससे संवैधानिक अदालत का सपना पूरा हुआ, जो बेनज़ीर भुट्टो का वादा था। उन्होंने कहा कि PPP एक सच्ची संघीय पार्टी है जो प्रांतीय अधिकारों की रक्षा के साथ राष्ट्रीय समस्याओं का समाधान चाहती है।
आर्थिक संकट पर बात करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि अगर अर्थव्यवस्था बेहतर हो रही है तो आम आदमी महंगाई, बेरोज़गारी और ग़रीबी से क्यों जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि बेनज़ीर इनकम सपोर्ट प्रोग्राम, सिंध में बाढ़ प्रभावितों के लिए 20 लाख घर, महिलाओं को मालिकी हक़, मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं और किसानों के लिए बेनज़ीर हारी कार्ड जैसे कार्यक्रम PPP की जन-पक्षीय नीतियों का प्रमाण हैं।
उन्होंने 9 मई जैसे घटनाक्रमों और संस्थानों के अपमान की निंदा करते हुए कहा कि इनका राजनीति में कोई स्थान नहीं। उन्होंने याद दिलाया कि ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो की न्यायिक हत्या और बेनज़ीर भुट्टो की शहादत के बावजूद PPP ने कभी कानून अपने हाथ में नहीं लिया।
उन्होंने कहा कि बेनज़ीर भुट्टो की शहादत के बाद जब “ना खपै” के नारे लगे, तब राष्ट्रपति ज़रदारी ने “पाकिस्तान खपै” का नारा देकर देश और संघ को बचाया। उन्होंने ज़ोर दिया कि मौजूदा हालात में राजनीतिक सुलह ही एकमात्र रास्ता है और राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी इस समय पाकिस्तान के लिए उम्मीद की किरण हैं।

Ali Imran Chattha
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