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पाकिस्तान सरकार का बड़ा कदम: 15 ऐतिहासिक गुरुद्वारों के लिए विशेष फंड, गुरु अर्जन देव जी को श्रद्धांजलि

16 Jun, 2025 08:53 PM

लाहौर अली इमरान चॅठा

गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर लाहौर स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा डेरा साहिब में केंद्रीय समारोह श्रद्धा और धार्मिक एकता के संदेश के साथ आयोजित किया गया। इस समारोह का आयोजन इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड द्वारा धार्मिक मामलों और अंतर-धार्मिक समरसता मंत्रालय के सहयोग से किया गया।

समारोह में विशेष रूप से शामिल हुए सरदार रमेश सिंह अरोड़ा, जो कि पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष और पंजाब के अल्पसंख्यक मामलों और मानवाधिकार मंत्री हैं। उनके साथ डॉ. साजिद महमूद चौहान, चेयरमैन, इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड भी मौजूद थे।

डॉ. चौहान ने अपने भाषण में कहा कि गुरु अर्जन देव जी ने सत्य, सहिष्णुता और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया, और उनकी शिक्षाएं आज भी पूरी मानवता के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने भारतीय सिख तीर्थयात्रियों के स्वागत के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए थे—जैसे रेड कार्पेट स्वागत, आवास, चिकित्सा और सुरक्षा—लेकिनभारत सरकार ने उन्हें अनुमति नहीं दी।

उन्होंने कहा, "हमारे दरवाजे भारतीय सिखों के लिए खुले हैं, और कार्तारपुर कॉरिडोर पूरी तरह कार्यशील है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक पूरी धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा के साथ रहते हैं।"

सरदार रमेश सिंह अरोड़ा ने गुरु अर्जन देव जी के बलिदान को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संदेश बताया। उन्होंने भारत सरकार की तीर्थयात्रियों को अनुमति न देने की आलोचना की, वहीं पाकिस्तान की खुली वीज़ा नीति और धार्मिक पर्यटन के लिए सकारात्मक रवैये की सराहना की।

उन्होंने सभी जथेदारों से अपील की कि वे अपनी संगतों को लेकर पाकिस्तान आएं, धार्मिक रीतियाँ निभाएं और यहाँ के ऐतिहासिक गुरुद्वारों का दर्शन करें। “धर्म को राजनीति से अलग रखें। हमें प्रेम, शांति और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए,” उन्होंने कहा।

अंत में उन्होंने यह महत्वपूर्ण घोषणा की कि पंजाब सरकार 15 ऐतिहासिक गुरुद्वारों के जीर्णोद्धार के लिए विशेष फंड उपलब्ध करा रही है, जिससे ये स्थल आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सकें।

समारोह में उपस्थित लोगों ने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में महाराजा रणजीत सिंह जी की पुण्यतिथि पर भारतीय सिख तीर्थयात्री पाकिस्तान आ सकें, जिससे भारत-पाक धार्मिक सद्भाव को और बल मिलेगा।


Posted By: Ali Imran Chattha

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