PAKISTAN-पाकिस्तान के पंजाब में हिंसक कट्टरपंथ से निपटने के लिए 50 करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी
पंजाब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा; यूथ इनोवेशन प्रतियोगिता 2026 के विजेताओं को दिए जाएंगे 22.50 लाख रुपये के नकद पुरस्कार
लाहौर, 10 अक्टूबर (नज़राना टाइम्स): पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने हिंसक कट्टरपंथ को रोकने, समाज में शांति, सहिष्णुता और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंजाब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन काउंटरिंग वायलेंट एक्सट्रीमिज्म के लिए 50 करोड़ रुपये की प्रारंभिक निधि को मंजूरी दे दी है।
यह महत्वपूर्ण निर्णय पंजाब के गृह विभाग में आयोजित सेंटर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की पांचवीं बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रांतीय मंत्री एवं कानून-व्यवस्था संबंधी कैबिनेट समिति के अध्यक्ष ख्वाजा सलमान रफीक ने की।
बैठक में संस्थान की मौजूदा गतिविधियों, पूर्व में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन और पंजाब यूथ इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन प्रतियोगिता 2026 के परिणामों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
हिंसक कट्टरपंथ की रोकथाम के लिए विशेष फंड की स्थापना
बैठक के दौरान बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की चौथी बैठक में लिए गए निर्णयों की पुष्टि की गई। संबंधित अधिकारियों ने इन निर्णयों के क्रियान्वयन की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।
विस्तृत विचार-विमर्श के बाद बोर्ड ने पंजाब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए एक अलग फंड स्थापित करने तथा उसमें प्रारंभिक राशि के रूप में 50 करोड़ रुपये आवंटित करने की स्वीकृति प्रदान की।
इस फंड का उद्देश्य हिंसक कट्टरपंथ की रोकथाम, युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने और समाज में शांति, आपसी सम्मान तथा सहिष्णुता की भावना को मजबूत करने वाली पहलों को प्रोत्साहित करना है।
पंजाब के 51 विश्वविद्यालयों से प्राप्त हुए 154 नवाचार प्रोजेक्ट
बैठक में पंजाब यूथ इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन प्रतियोगिता 2026 की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
अधिकारियों ने बताया कि प्रांत के 51 विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता के लिए कुल 154 अभिनव और रचनात्मक प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए थे।
विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की तकनीकी मूल्यांकन समिति ने इन परियोजनाओं का पारदर्शी तरीके से आकलन किया और 50 सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट का चयन किया।
चयनित विद्यार्थियों को अपने प्रोजेक्ट समिति के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीन सर्वश्रेष्ठ परियोजनाओं को विजेता घोषित किया गया।
डीएनए जांच, कैंसर उपचार और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट बने विजेता
प्रतियोगिता में यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों ने पहला स्थान प्राप्त किया। उनका प्रोजेक्ट डीएनए जांच की लागत कम करने और उसकी गुणवत्ता में सुधार लाने पर केंद्रित था।
फातिमा जिन्ना मेडिकल यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने कैंसर की जांच और उपचार की लागत कम करने से संबंधित परियोजना के लिए दूसरा स्थान हासिल किया।
तीसरा स्थान सुपीरियर यूनिवर्सिटी के एक विद्यार्थी ने प्राप्त किया, जिसने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की सहायता से बच्चों के मोबाइल फोन पर आपत्तिजनक सामग्री को नियंत्रित करने वाला प्रोजेक्ट तैयार किया था।
तीनों विजेता परियोजनाओं को बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के समक्ष भी प्रस्तुत किया गया। बोर्ड के सदस्यों ने विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, तकनीकी क्षमता और सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की।
विजेता विद्यार्थियों को मिलेंगे 22.50 लाख रुपये के नकद पुरस्कार
प्रतियोगिता में शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए कुल 22.50 लाख रुपये के नकद पुरस्कारों की घोषणा की गई।
स्थान नकद पुरस्कार
प्रथम 10 लाख रुपये
द्वितीय 7.50 लाख रुपये
तृतीय 5 लाख रुपये
कुल 22.50 लाख रुपये
बोर्ड ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानने के साथ-साथ उनके विचारों को व्यावहारिक रूप देने और नई व्यावसायिक संभावनाएं विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
युवाओं में शांति और सहिष्णुता को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम
बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने सूचना एवं संस्कृति विभाग को निर्देश दिया कि युवाओं के बीच शांति, सहिष्णुता और सामाजिक सद्भाव का संदेश पहुंचाने के लिए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा विभाग को भाषण प्रतियोगिताएं, नाट्य प्रस्तुतियां, निबंध लेखन और पोस्टर निर्माण जैसी गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि शैक्षणिक संस्थान युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करने और समाज में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
कट्टरपंथ समाप्त कर शांतिपूर्ण समाज की स्थापना सरकार की प्राथमिकता: ख्वाजा सलमान रफीक
बैठक को संबोधित करते हुए प्रांतीय मंत्री ख्वाजा सलमान रफीक ने कहा कि पंजाब सरकार हिंसक कट्टरपंथ को समाप्त करने और एक शांतिपूर्ण समाज की स्थापना के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संबंधित विभाग राष्ट्रीय कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं।
सलमान रफीक ने कहा कि पंजाब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन काउंटरिंग वायलेंट एक्सट्रीमिज्म सामाजिक कल्याण और कट्टरपंथ की चुनौतियों से निपटने के लिए व्यावहारिक कदम उठा रहा है।
उन्होंने पंजाब यूथ इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन प्रतियोगिता 2026 के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसी पहल युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने, उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और नए उद्यम स्थापित करने के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विजेता विद्यार्थियों को सरकारी संस्थानों से जोड़ा जाएगा
पंजाब के गृह सचिव डॉ. अहमद जावेद काजी ने कहा कि समाज में शांति, सहिष्णुता और आपसी सम्मान को बढ़ावा देने में युवाओं तथा नागरिक समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में प्रमुख स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को पंजाब फोरेंसिक साइंस अथॉरिटी, स्वास्थ्य विभाग और पंजाब सूचना प्रौद्योगिकी बोर्ड से जोड़ा जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों की अभिनव परियोजनाओं को व्यावहारिक उपयोग में लाना है, ताकि उनकी तकनीकी क्षमताओं और रचनात्मक विचारों का लाभ समाज को मिल सके।
डॉ. काजी ने कहा कि प्रतिभाशाली युवा पाकिस्तान के उज्ज्वल, शांतिपूर्ण और समृद्ध भविष्य के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों की भागीदारी
बैठक में पंजाब के गृह सचिव डॉ. अहमद जावेद काजी, कानून सचिव आसिफ बिलाल लोधी, औकाफ सचिव डॉ. एहसान भुट्टा, विशेष गृह सचिव जैनब खान, मुख्य समन्वय अधिकारी गुलाम सगीर शाहिद और पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर आयशा राशिद उपस्थित रहीं।
इसके अतिरिक्त काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट के डीआईजी, अतिरिक्त सचिव न्यायिक अब्दुल रऊफ, उच्च शिक्षा विभाग, सूचना विभाग और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
सलाहकार सैयद ताहिर रजा बुखारी और सुहैल रजा भी बैठक में शामिल हुए।
किंग एडवर्ड मेडिकल यूनिवर्सिटी के मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ. अली मदीह हाशमी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
बैठक में विभिन्न सरकारी संस्थानों के बीच समन्वय मजबूत करने, युवाओं के नवाचार को प्रोत्साहित करने और पंजाब में हिंसक कट्टरपंथ की रोकथाम के लिए शांति तथा सामाजिक सद्भाव से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार करने पर विशेष जोर दिया गया
Posted By: Ali Imran Chattha