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अर्बन एस्टेट और सीड फार्म कपूरथला में विकास कार्यों में देरी से निवासियों में रोष

19 Jun, 2026 11:28 AM

कपूरथला, 19 जून गौरव मढिया

अर्बन एस्टेट और सीड फार्म कपूरथला के निवासियों ने सड़कों की मरम्मत एवं री-कारपेटिंग में हो रही लगातार देरी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। निवासियों द्वारा कई बार मांग पत्र देने, अधिकारियों से मुलाकात करने, आरटीआई दायर करने तथा शांतिपूर्ण धरना देने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है !

निवासियों को आश्वासन दिया गया था कि मार्च 2026 तक सड़कों की मरम्मत एवं री-कारपेटिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि अर्बन एस्टेट में कार्य शुरू किया गया, लेकिन केवल एक छोटे हिस्से की री-कारपेटिंग करने के बाद काम बीच में ही रोक दिया गया। इसके बाद विभिन्न कारण बताए जाते रहे, लेकिन शेष कार्य कब पूरा होगा, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।

मानसून सीजन शुरू होने वाला है और उसके बाद सर्दियों का मौसम आ जाएगा। ऐसे में निवासियों को आशंका है कि कार्य फिर लंबे समय के लिए टल सकता है और उन्हें एक और वर्ष इंतजार करना पड़ सकता है। अर्बन एस्टेट की कई सड़कों की हालत लगातार खराब होती जा रही है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सीड फार्म की स्थिति तो और भी चिंताजनक है। वहां की सड़कें अर्बन एस्टेट से भी बदतर हालत में हैं, लेकिन अब तक वहां मरम्मत या री-कारपेटिंग का कार्य शुरू तक नहीं किया गया है।

अर्बन एस्टेट वेलफेयर सोसायटी के पूर्व प्रधान एवं वर्तमान संरक्षक एडवोकेट अनुज आनंद ने कहा कि उन्होंने वर्षों से संबंधित अधिकारियों को अनेक मांग पत्र दिए हैं तथा विकास कार्यों में हो रही देरी को लेकर कई आरटीआई भी दायर की हैं, लेकिन धरातल पर प्रगति बेहद निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि कार्य शुरू करने के बाद उसे बीच में क्यों रोक दिया गया।

उन्होंने कहा कि निवासी लंबे समय से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, कम्युनिटी हॉल तथा बाउंड्री वॉल के निर्माण का भी इंतजार कर रहे हैं, लेकिन जिस गति से कार्य हो रहे हैं, उन्हें पूरा होना फिलहाल एक दूर का सपना प्रतीत होता है।

अनुज आनंद ने चेतावनी दी कि यदि लंबित विकास कार्यों को शीघ्र पुनः शुरू कर निर्धारित समय में पूरा नहीं किया गया तो निवासी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी उपाय अपनाने अथवा पुनः शांतिपूर्ण धरना देने के लिए मजबूर होंगे।

Posted By: GURBHEJ SINGH ANANDPURI

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