पाकिस्तान के पहले सिख MBBS डॉक्टर के बेटे ने लाहौर बोर्ड में हासिल किया दूसरा स्थान
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जैसा पिता, वैसा बेटा: पाकिस्तान के पहले सिख MBBS डॉक्टर के बेटे ने लाहौर बोर्ड में हासिल की संयुक्त दूसरी रैंक
लाहौर (नज़राना टाइम्स) | अली इमरान चठ्ठा
पाकिस्तान के पहले सिख एमबीबीएस डॉक्टर के बेटे ओंकार सिंह ने बोर्ड ऑफ इंटरमीडिएट एंड सेकेंडरी एजुकेशन (BISE) लाहौर की मैट्रिक परीक्षा के विज्ञान (लड़के) वर्ग में संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया है।
शादमान स्थित क्रेसेंट मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल फॉर बॉयज़ के छात्र ओंकार सिंह ने 1,200 में से 1,189 अंक प्राप्त किए। इसी अंक के साथ क्रेसेंट किड्स कैंपस हाई स्कूल, अल्लामा इकबाल टाउन के मुहम्मद अयान ने भी संयुक्त दूसरा स्थान प्राप्त किया। पंजाब दानिश हाई स्कूल, फ़ाज़िलपुर (राजनपुर) के मुहम्मद क़ासिम ने 1,191 अंकों के साथ प्रथम स्थान हासिल किया।

यह उपलब्धि ओंकार सिंह के लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2025 की नौवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा में भी दूसरा स्थान प्राप्त किया था।
ओंकार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता की दुआओं, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अपनी मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि उनका सपना डॉक्टर बनकर मानवता की सेवा करना है और वे अपने पिता के पदचिह्नों पर चलना चाहते हैं।
उनके पिता प्रोफेसर डॉ. मिम्पल सिंह पाकिस्तान के पहले सिख एमबीबीएस डॉक्टर हैं। उन्हें वर्ष 2023 में सार्वजनिक सेवा और अंतरधार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने में योगदान के लिए पाकिस्तान सरकार ने तमगा-ए-इम्तियाज़ से सम्मानित किया था। वर्तमान में वे किंग एडवर्ड मेडिकल यूनिवर्सिटी (KEMU), लाहौर के बाल रोग विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं और मेयो अस्पताल से संबद्ध हैं।
परिणाम घोषित होने के बाद डॉ. मिम्पल सिंह ने कहा कि उनके बेटे की सफलता इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान की शिक्षा व्यवस्था में छात्रों का मूल्यांकन केवल योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है।
ओंकार सिंह ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों को पूर्ण अधिकार और संरक्षण प्राप्त हैं तथा सभी पृष्ठभूमि के छात्र मेहनत और समान अवसरों के बल पर सफलता हासिल कर सकते हैं।
इस उपलब्धि से पूरे पाकिस्तान के सिख समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई। दिनभर शुभचिंतकों का परिवार के घर बधाई देने का सिलसिला जारी रहा। बधाई देने वालों में गुरुद्वारा डेरा साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी रणजीत सिंह, जत्थेदार सरदार प्रीतम सिंह तथा पंजाब विधानसभा के पूर्व सदस्य और पूर्व संसदीय सचिव (अल्पसंख्यक मामलों एवं मानवाधिकार) सरदार महेंद्र पाल सिंह भी शामिल थे।
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