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लाहौर में पंजाब सरकार और बरगद ने मनाई दिवाली, अंतरधार्मिक सद्भाव और शांति का दिया संदेश

08 Nov, 2026 04:09 PM

लाहौर (नज़राना टाइम्स): पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने युवा विकास के लिए काम करने वाली संस्था बरगद के सहयोग से लाहौर के एक स्थानीय होटल में दिवाली समारोह आयोजित किया। इसका उद्देश्य हिंदू समुदाय की खुशियों में शामिल होना और अंतरधार्मिक सद्भाव, शांति तथा आपसी सम्मान को बढ़ावा देना था।

प्रांतीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। हिंदू, सिख, ईसाई और मुस्लिम समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ पंजाब विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और नागरिक समाज के सदस्यों ने भी भाग लिया।

प्रेम और सहिष्णुता का संदेश जमीनी स्तर तक पहुंचे: अरोड़ा

सभा को संबोधित करते हुए अरोड़ा ने हिंदू समुदाय को दिवाली की शुभकामनाएं दीं और अंतरधार्मिक सद्भाव के लिए बरगद के प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि सौहार्दपूर्ण समाज बनाने के लिए प्रेम, सहिष्णुता, स्वीकार्यता और शांतिपूर्ण सहअस्तित्व का संदेश जमीनी स्तर तक पहुंचाना जरूरी है। विभिन्न धर्मों के लोगों का मिलकर त्योहार मनाना शांतिपूर्ण, सहिष्णु और एकजुट पाकिस्तान की भावना को दर्शाता है।

अरोड़ा ने कहा कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों को अपने धर्म का पालन करने और त्योहार मनाने की स्वतंत्रता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ की सोच के अनुरूप पंजाब सरकार अल्पसंख्यक अधिकारों की रक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता और अंतरधार्मिक समझ को मजबूत करने के लिए व्यावहारिक कदम उठा रही है।

दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ समारोह

समारोह की शुरुआत पारंपरिक रूप से दीप जलाकर की गई। इसके बाद दिवाली की विशेष प्रार्थना हुई और त्योहार के महत्व पर विचार साझा किए गए।

प्रोफेसर अशोक कुमार ने दीपों की रोशनी को सकारात्मकता, आशा और खुशहाली का प्रतीक बताया। उन्होंने पिछले 12 वर्षों से अंतरधार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए बरगद के कार्यों की सराहना की।

जसप्रीत सिंह ने विभिन्न धार्मिक समुदायों की भागीदारी को आपसी सद्भाव का सुंदर उदाहरण बताया। उन्होंने प्रतिभागियों की खानपान संबंधी पसंद और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए शाकाहारी भोजन की व्यवस्था करने के लिए आयोजकों का धन्यवाद किया।

हर समुदाय को स्वतंत्रता और सम्मान मिले

बरगद की कार्यकारी निदेशक सबीहा शाहीन ने संयुक्त आयोजन को कायदे-आजम की परिकल्पना वाले पाकिस्तान की झलक बताया। उन्होंने कहा कि उद्देश्य ऐसा समावेशी और शांतिपूर्ण समाज बनाना है, जहां हर धर्म के लोग स्वतंत्रता, गरिमा और आपसी सम्मान के साथ अपने त्योहार मना सकें।

हिंदू समुदाय के नेता अमर नाथ ने दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पाकिस्तान का हिंदू समुदाय अपनी धार्मिक परंपराओं और त्योहारों का पालन कर सकता है। उन्होंने सामूहिक उत्सवों को सुंदर परंपरा बताया और अपना संबोधन ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे के साथ समाप्त किया।

जेडब्ल्यूएस की फरजाना कौसर ने कहा कि ऐसे आयोजन धार्मिक समुदायों के बीच गलतफहमियां दूर करने, आपसी समझ बढ़ाने और सामाजिक संबंध मजबूत करने में मदद करते हैं।

केक काटने और सामूहिक भोजन के साथ समापन

रमेश सिंह अरोड़ा ने हिंदू समुदाय के सदस्यों के साथ दिवाली का केक काटा। मिठाइयां और फल बांटे गए तथा विशेष शाकाहारी रात्रिभोज का आयोजन किया गया।

बरगद की कार्यक्रम समन्वयक राबिया डार ने अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार जताया। उन्होंने सभी धार्मिक समुदायों की सार्थक भागीदारी को प्रोत्साहित करने वाली पहल जारी रखने की संस्था की प्रतिबद्धता दोहराई।

Posted By: Ali Imran Chattha

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