यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल का लाहौर दौरा, पाकिस्तान-EU संसदीय संबंध मजबूत करने पर जोर
लाहौर, 23 सितंबर (नज़राना टाइम्स) — पंजाब विधानसभा के स्पीकर मलिक मुहम्मद अहमद खान ने यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल के लाहौर दौरे के दौरान पाकिस्तान और यूरोपीय संघ के बीच संसदीय संपर्क को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
दौरे से संबंधित उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बातचीत में संसदीय कूटनीति तथा पाकिस्तान और यूरोप के बीच सहयोग बढ़ाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें व्यापार, जलवायु परिवर्तन, शिक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषय शामिल रहे।
यूरोपीय प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए स्पीकर मलिक मुहम्मद अहमद खान ने कहा कि इस तरह के दौरे पाकिस्तान-EU संसदीय संपर्क को मजबूत करने, आपसी समझ बढ़ाने और सहयोग के नए अवसर तलाशने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि संसदीय स्तर पर निरंतर संवाद से संस्थागत संबंध मजबूत होते हैं और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर बेहतर समझ विकसित करने में मदद मिलती है।
लाहौर की सांस्कृतिक विरासत से भी रूबरू हुआ प्रतिनिधिमंडल
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल ने 23 सितंबर को लाहौर म्यूज़ियम का भी दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जर्मनी से यूरोपीय संसद के सदस्य टॉमस फ्रोएलिच कर रहे थे।
रिपोर्टों के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल में बुल्गारिया के यूरोपीय संसद सदस्य स्टानिस्लाव स्टोयानोव, ब्रैंडेनबर्ग राज्य संसद के सदस्य डेनिस होहलोह और बेल्जियम के वरिष्ठ काउंसलर उमैर खान भी शामिल थे।
लाहौर म्यूज़ियम के दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल को शहर के ऐतिहासिक महत्व, पुरातात्विक धरोहर और सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानकारी दी गई। सदस्यों ने विभिन्न गैलरियों का दौरा कर क्षेत्र के इतिहास, कला और संस्कृति से जुड़ी वस्तुओं को देखा।
पाकिस्तान-EU संसदीय संपर्क
यह दौरा पाकिस्तानी और यूरोपीय सांसदों के बीच जारी संपर्क की एक और कड़ी है। इसी दिन एक यूरोपीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने इस्लामाबाद में नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज़ सादिक से भी मुलाकात की, जहां आपसी हितों के साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई।
पाकिस्तान और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार, विकास सहयोग, जलवायु कार्रवाई और संसदीय संवाद सहित कई क्षेत्रों में सहयोग है। दोनों पक्षों के सांसदों के बीच नियमित संपर्क साझा मुद्दों पर बातचीत और व्यावहारिक सहयोग के नए अवसर तलाशने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
Posted By: Ali Imran Chattha