मुनीर की तेहरान वार्ता के बीच पाकिस्तान–ईरान सीमा पर व्यापार ठप, मालवाहक वाहन फंसे
इस्लामाबाद/तेहरान, 20 अक्टूबर: पाकिस्तान और ईरान के बीच बलूचिस्तान की दो प्रमुख सीमा चौकियों से व्यावसायिक व्यापार मंगलवार को भी बंद रहा। इससे माल की आवाजाही प्रभावित हुई है और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
गबद–रिमदान और तफ्तान सीमा चौकियों पर व्यावसायिक गतिविधियां सप्ताहांत में रोक दी गई थीं। रिपोर्टों के अनुसार, गबद–रिमदान से यात्रियों की आवाजाही जारी है, लेकिन व्यावसायिक यातायात दोबारा शुरू करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।
तेहरान में ईरानी अधिकारियों से मुनीर की बातचीत
यह व्यवधान ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान के रक्षा बलों के प्रमुख और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर ईरानी अधिकारियों से बातचीत के लिए तेहरान के दौरे पर हैं। यह यात्रा क्षेत्रीय तनाव और ईरान तथा अमेरिका से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों में आई रुकावट के बीच हो रही है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि बातचीत मुख्य रूप से द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग मजबूत करने पर केंद्रित है। पाकिस्तान भी क्षेत्रीय मुद्दों पर अपनी कूटनीतिक सक्रियता जारी रखे हुए है।
व्यापार रोकने पर अलग-अलग स्पष्टीकरण
पाकिस्तान के प्रांतीय अधिकारियों ने व्यापार निलंबन को सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने, तस्करी रोकने और सीमा प्रबंधन सुधारने के लिए उठाया गया अस्थायी कदम बताया है।
चागाई जिले के उपायुक्त बख्तियार इस्माइल ने कहा कि प्रभावी व्यवस्थाएं लागू होने के बाद तफ्तान चौकी दोबारा खोल दी जाएगी। दूसरी ओर, ईरान ने व्यवधान के लिए तकनीकी समस्याओं और एहतियाती उपायों का हवाला दिया है।
अलग-अलग स्पष्टीकरणों के कारण व्यापारियों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है कि व्यावसायिक गतिविधियां कब बहाल होंगी।
आयात दस्तावेज संबंधी छूट वापस ली गई
इसी दौरान पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय ने ईरान से आयातित वस्तुओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक इम्पोर्ट फॉर्म की अनिवार्यता से छूट बढ़ाने वाला पिछला आदेश वापस ले लिया है। मंत्रालय के 16 अक्टूबर के ज्ञापन के अनुसार, यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया गया।
इस नियामकीय बदलाव से आयात प्रक्रियाएं अधिक जटिल हो सकती हैं। हालांकि, सार्वजनिक रूप से ऐसा कोई स्थापित प्रमाण सामने नहीं आया है कि केवल छूट वापस लेने के कारण सीमा व्यापार बंद हुआ या यह फैसला अंतरराष्ट्रीय ऋणदाताओं के दबाव से सीधे जुड़ा था।
करीब 2,000 ट्रक प्रभावित होने का अनुमान
क्वेटा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने पाकिस्तान–ईरान व्यापार से जुड़े कारोबारियों को अगली सूचना तक आयात और निर्यात के नए ऑर्डर रोकने की सलाह दी है। चैंबर ने माल की आपूर्ति में देरी के कारण व्यापारियों को वित्तीय नुकसान के जोखिम की ओर भी ध्यान दिलाया है।
व्यापार प्रतिनिधियों के अनुसार, एलपीजी, चावल, ताजे फल और अन्य वस्तुएं ले जा रहे वाहन सीमा के दोनों ओर फंसे हुए हैं। चैंबर का अनुमान है कि करीब 2,000 ट्रक प्रभावित हुए हैं। हालांकि, वाहनों की सटीक संख्या और सीमा शुल्क मंजूरी की प्रतीक्षा में पड़े माल की मात्रा की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
एलपीजी आपूर्ति और परिवहन लागत को लेकर चिंता
गबद–रिमदान ईरान से पाकिस्तान आने वाली एलपीजी के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग बन चुका है। उद्योग प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंध लंबे समय तक जारी रहने से आपूर्ति पर दबाव और परिवहन लागत बढ़ सकती है, खासकर सीमापार आपूर्ति पर निर्भर क्षेत्रों में।
खुदरा कीमतों पर वास्तविक प्रभाव और किसी संभावित कमी की अवधि अभी स्पष्ट नहीं है। घरेलू वितरण लागत, वैकल्पिक आपूर्ति और व्यापक बाजार स्थितियां भी कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं।
पाकिस्तान और ईरान लंबे समय से द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, वित्तीय लेनदेन को प्रभावित करने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध, सीमित बैंकिंग सुविधाएं और सीमा पर बार-बार आने वाली रुकावटें चुनौती बनी हुई हैं।
फिलहाल व्यापारी सीमा प्रक्रियाओं और व्यावसायिक यातायात की बहाली पर अधिकारियों के स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहे हैं। मंगलवार तक दोनों चौकियों से व्यापार दोबारा शुरू करने की कोई निश्चित समय-सीमा घोषित नहीं की गई थी।
Posted By: Ali Imran Chattha