पुलिस से तनाव के बीच लाहौर में PTI अभियान की अगुवाई कर रहे KP के मुख्यमंत्री अफरीदी
लाहौर, 15 सितंबर (नज़राना टाइम्स): खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मुहम्मद सोहैल अफरीदी ने मंगलवार को लाहौर में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का सड़क अभियान जारी रखा। इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों से मुलाकात की तथा समर्थकों के साथ शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा किया।
अफरीदी ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य 27 सितंबर को इस्लामाबाद में PTI के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पंजाब में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को लामबंद करना है। पार्टी की प्रमुख मांगों में जेल में बंद PTI संस्थापक इमरान खान की रिहाई भी शामिल है।
मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री अफरीदी ने पंजाब पुलिस पर उनके काफिले को रोकने, PTI कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने और पार्टी समर्थकों की आवाजाही में बाधा डालने का आरोप लगाया।
अफरीदी ने यह भी आरोप लगाया कि सोमवार को पुलिस उन्हें जबरन कैदियों वाली गाड़ी में ले गई और बाद में लाहौर की एक सड़क पर बिना सुरक्षा के छोड़ दिया।
दूसरी ओर, पंजाब के अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अफरीदी हिरासत में लिए गए PTI कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग करते हुए अपनी इच्छा से पुलिस वाहन में बैठे थे।
लाहौर अभियान के दौरान अफरीदी ने PTI से जुड़े कई नेताओं के परिवारों से मुलाकात की। इनमें पंजाब विधानसभा के पूर्व सदस्य मियां अकरम उस्मान और आजाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व विधायक गुलाम मोहिउद्दीन दीवान के परिवार भी शामिल थे।
उनका काफिला फिरोजपुर रोड, इच्छरा, माल रोड और हॉल रोड से भी गुजरा, जहां बड़ी संख्या में PTI समर्थक काफिले के आसपास एकत्र हुए।
अभियान के दौरान कुछ समय के लिए उस वक्त तनाव पैदा हो गया जब एक नागरिक ने अफरीदी के खिलाफ नारे लगाए और PTI कार्यकर्ताओं के साथ उसकी तीखी बहस हो गई। बाद में स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया।
अफरीदी ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की और PTI कार्यकर्ता इश्तियाक अहमद की मौत का मामला उठाया, जिनकी गंभीर रूप से झुलसने के बाद मौत हो गई थी। PTI ने उनकी मौत को पुलिस कार्रवाई से जोड़ा है, जबकि पंजाब के अधिकारियों ने इस दावे को खारिज करते हुए घटना को दुर्घटना बताया है।
अफरीदी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना रवैया नहीं बदला तो खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा के सत्र के बाद प्रांत में “कड़ी प्रतिक्रिया” सामने आ सकती है।
पंजाब में सार्वजनिक सभाओं पर पाबंदियां लागू की गई हैं, जबकि प्रांतीय सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री पर अपने पद का इस्तेमाल लाहौर में राजनीतिक गतिविधियों के लिए करने का आरोप लगाया है।
लाहौर में अफरीदी का यह अभियान PTI की पंजाब में समर्थकों को लामबंद करने और 27 सितंबर के प्रस्तावित इस्लामाबाद प्रदर्शन के लिए समर्थन जुटाने की व्यापक मुहिम का हिस्सा है।
Posted By: Ali Imran Chattha