लाहौर का ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही जीर्णोद्धार के बाद संगत के लिए फिर खुला

लाहौर का ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही जीर्णोद्धार के बाद संगत के लिए फिर खुला

लाहौर, 8 नवंबर 2026 (नज़राना टाइम्स): लाहौर के टेंपल रोड स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही श्री गुरु हरगोबिंद साहिब को पुनर्निर्माण, मरम्मत और जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने के बाद संगत के लिए फिर खोल दिया गया। इस अवसर पर सिख धार्मिक मर्यादा के अनुसार विशेष समागम आयोजित किए गए।

उद्घाटन समारोह में प्रांतीय मंत्री और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार रमेश सिंह अरोड़ा, इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) के सचिव नासिर मुश्ताक, उप सचिव श्राइन्स उस्मान खान और उप महासचिव सआदत शहबाज शामिल हुए। कमेटी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों, सिख धार्मिक नेताओं और अन्य अतिथियों ने भी भाग लिया।

सिख धार्मिक नेताओं ने गुरुद्वारे के जीर्णोद्धार का स्वागत किया और ऐतिहासिक स्थल को धार्मिक उपयोग के लिए बहाल करने के प्रयासों की सराहना की।

50 से अधिक गुरुद्वारों में कार्य जारी: अरोड़ा

रमेश सिंह अरोड़ा ने कहा कि पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज की सोच के अनुरूप पाकिस्तान में 50 से अधिक गुरुद्वारों का पुनर्निर्माण और मरम्मत की जा रही है। उन्होंने बताया कि गुरुद्वारा छठी पातशाही का जीर्णोद्धार पूरा होने के बाद उसे औपचारिक रूप से धार्मिक उपासना के लिए फिर खोल दिया गया है।

धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को प्रमुख जिम्मेदारी बताया

ईटीपीबी सचिव नासिर मुश्ताक ने कहा कि सिख और हिंदू समुदायों के धार्मिक स्थलों की देखभाल, मरम्मत और सुरक्षा बोर्ड की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। उन्होंने गुरुद्वारे की बहाली को इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

उन्होंने जीर्णोद्धार कार्य में ज्ञानी बलवंत सिंह और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य प्रोफेसर डॉ. ममपाल सिंह के योगदान की विशेष सराहना की।

श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं और सुरक्षा बेहतर बनाने का आश्वासन

मुश्ताक ने कहा कि बोर्ड पाकिस्तान आने वाले सिख श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक सुविधाएं, आवास, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे शांति और सुविधा के साथ अपनी धार्मिक रस्में निभा सकें।

विश्वभर की सिख संगत को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि गुरुद्वारों की देखभाल, संरक्षण और सुरक्षा पाकिस्तान सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने बताया कि ईटीपीबी अध्यक्ष कमर-उज-जमान के निर्देशों के अनुसार श्राइन्स विभाग ऐतिहासिक गुरुद्वारों और मंदिरों के जीर्णोद्धार के साथ अल्पसंख्यक समुदायों के लिए प्रशासनिक सुविधाएं सुधारने के प्रयास जारी रखेगा।

प्रबंधक कमेटी ने बहाली का स्वागत किया

पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों ने गुरुद्वारे की बहाली के लिए पाकिस्तान सरकार, ईटीपीबी अध्यक्ष कमर-उज-जमान और सचिव नासिर मुश्ताक का आभार जताया। उन्होंने इसे सिख समुदाय के लिए स्वागतयोग्य पहल बताया।

गुरुद्वारे को फिर खोलने का उद्देश्य संगत के लिए धार्मिक सुविधाएं बेहतर बनाना और लाहौर की ऐतिहासिक धार्मिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना है।

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