गुरु अर्जन देव जी के जोड़ मेले के मुख्य समारोह लाहौर में सम्पन्न
- इंटरनेशनल
- 16 Jun, 2026 03:26 PM (Asia/Kolkata)
लाहौर, 16 जून 2026 (नज़राना टाइम्स)
धार्मिक मामलों एवं अंतरधार्मिक सद्भाव मंत्रालय के अधीन कार्यरत इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) द्वारा गुरु अर्जन देव जी के शहीदी जोड़ मेले के मुख्य समारोह ऐतिहासिक गुरुद्वारा डेरा साहिब, लाहौर में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ आयोजित किए गए। इस अवसर पर पाकिस्तान और भारत से आए सिख श्रद्धालुओं, धार्मिक नेताओं तथा गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने धार्मिक स्वतंत्रता, अंतरधार्मिक सद्भाव और सिख यात्रियों के लिए उपलब्ध कराई गई उत्कृष्ट सुविधाओं के लिए पाकिस्तान की सराहना की।

समारोह में ईटीपीबी के चेयरमैन क़मर-उज़-ज़मान, पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीएसजीपीसी) के अध्यक्ष एवं पंजाब के अल्पसंख्यक मामलों तथा मानवाधिकार मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा, अतिरिक्त सचिव श्राइन्स नासिर मुश्ताक, उप सचिव फराज़ अब्बास, पीएसजीपीसी की महासचिव सतवंत कौर, डॉ. मुम्पल सिंह, सरदार तारा सिंह, सरदार बिशन सिंह तथा भारतीय सिख प्रतिनिधिमंडल के नेता सरदार भूपिंदर सिंह, सरदार हरजीत सिंह चंडोक और सरदार गुरमीत सिंह बोह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे
सभा को संबोधित करते हुए रमेश सिंह अरोड़ा ने कहा कि इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड ने सिख श्रद्धालुओं के लिए उत्कृष्ट सुविधाएं और बेहतरीन आतिथ्य प्रदान किया है। उन्होंने चेयरमैन क़मर-उज़-ज़मान और अतिरिक्त सचिव नासिर मुश्ताक के प्रयासों की विशेष सराहना करते हुए कहा कि पाकिस्तान के द्वार विश्वभर के सिख समुदाय के लिए हमेशा खुले हैं। उन्होंने बताया कि देशभर में गुरुद्वारों और मंदिरों के संरक्षण एवं विकास के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं तथा प्रथम चरण में 17 गुरुद्वारों के विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
ईटीपीबी के चेयरमैन क़मर-उज़-ज़मान ने कहा कि पाकिस्तान सभी धर्मों के पवित्र स्थलों की सुरक्षा, संरक्षण और सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जन देव जी की शिक्षाएं मानवता, सहिष्णुता, धैर्य और निःस्वार्थ सेवा का संदेश देती हैं, जो विश्व में शांति और भाईचारे को मजबूत कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आने वाले श्रद्धालु अपने देशों में सद्भावना के दूत बनकर लौटते हैं और पाकिस्तान की सकारात्मक एवं शांतिपूर्ण छवि को दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं।

भारतीय सिख प्रतिनिधिमंडल के नेता सरदार भूपिंदर सिंह ने कहा कि सिख श्रद्धालु पाकिस्तान की मधुर यादें लेकर अपने देश लौटेंगे। उन्होंने गुरुद्वारों के रखरखाव, आवास, लंगर, परिवहन, चिकित्सा सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने अल्पसंख्यकों के प्रति सम्मान, धार्मिक सहिष्णुता और मेहमाननवाज़ी का एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया है।
अतिरिक्त सचिव श्राइन्स नासिर मुश्ताक ने कहा कि सिख धर्म की जन्मभूमि पाकिस्तान है और यह सिख समुदाय का पहला घर है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने कभी भी सिख श्रद्धालुओं को अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करने के लिए देश आने से नहीं रोका। संघीय सरकार के निर्देशों के अनुरूप श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस सेवाएं और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं सहित सभी आवश्यक प्रबंध किए गए।
समारोह के शांतिपूर्ण एवं सफल आयोजन के लिए इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड, जिला प्रशासन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। गुरुद्वारा डेरा साहिब में स्वच्छता, आवास, लंगर और अन्य सुविधाओं के विशेष प्रबंधों की श्रद्धालुओं ने भरपूर सराहना की।

श्रद्धालुओं ने कहा कि पाकिस्तान में धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास के कारण ये पहले से अधिक सुंदर, सुरक्षित और शांतिपूर्ण बन गए हैं। उन्होंने अंतरधार्मिक सद्भाव और धार्मिक सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे प्रयासों को भी सराहनीय बताया।
गुरु अर्जन देव जी के शहीदी जोड़ मेले में भाग लेने वाले भारतीय सिख श्रद्धालु अपनी दस दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद 19 जून 2026 को भारत लौटेंगे। वे अपने साथ इस आध्यात्मिक यात्रा की अविस्मरणीय यादें और पाकिस्तान की गर्मजोशी भरी मेहमाननवाज़ी की सुखद स्मृतियां लेकर जाएंगे।
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