सरकार पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप; इमरान खान को शिफा की जगह PIMS ले जाने का दावा, बहन डॉ. उजमा ने लगाए प्रताड़ना के आरोप
- इंटरनेशनल
- 21 Aug, 2026 06:10 PM (Asia/Kolkata)
नजराना टाइम्स ब्यूरो , इस्लामाबाद | 21 अगस्त 2026 — पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की बहन डॉ. उजमा खान ने खैबर पख्तूनख्वा हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावा किया कि अदियाला जेल में बंद उनके भाई ने हिरासत के दौरान अपने साथ “गंभीर अन्याय और प्रताड़ना” होने की शिकायत की है।
यह दावा ऐसे समय सामने आया है जब सुप्रीम कोर्ट द्वारा इमरान खान को तत्काल इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल स्थानांतरित करने का आदेश दिए जाने की बात कही गई है। PTI ने आरोप लगाया है कि सरकार ने अदालत के आदेश का पालन नहीं किया।
“इमरान ने कहा, मेरे साथ प्रताड़ना हो रही है” — डॉ. उजमा
मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. उजमा खान ने कहा कि जेल में मुलाकात के दौरान इमरान खान ने उन्हें अपनी स्थिति के बारे में बताया।
डॉ. उजमा के अनुसार, इमरान खान ने उनसे कहा कि उनके साथ “गंभीर अन्याय और प्रताड़ना” की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह मामला अब केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि एक व्यक्ति के बुनियादी मानवाधिकारों से भी जुड़ा हुआ है।
डॉ. उजमा ने इमरान खान की ओर से खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर के लिए एक संदेश भी दिया कि वे अपने प्रयासों को और तेज करें।
शिफा या PIMS? इलाज को लेकर विवाद
इमरान खान के इलाज और अस्पताल में स्थानांतरण को लेकर स्थिति और विवादास्पद हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें निजी शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने का निर्देश दिया था, जबकि डॉ. उजमा ने सरकारी पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) में अपनी मौजूदगी की जानकारी दी।
PTI ने इस मामले में सरकार पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने का आरोप लगाया है। पार्टी सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया गया कि इमरान खान को शिफा अस्पताल में रखने के बजाय गुरुवार देर रात वापस अदियाला जेल भेज दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी
रिपोर्ट के अनुसार, चीफ जस्टिस याह्या अफरीदी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को इमरान खान को इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल स्थानांतरित करने के निर्देश दिए थे।
अदालत ने परिवार के सदस्यों और वकीलों को मेडिकल रिपोर्ट मीडिया के साथ साझा न करने के लिए भी कहा था। इसके साथ ही अस्पताल के बाहर राजनीतिक गतिविधियों, मीडिया वार्ता और प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भी प्रतिबंध लगाए जाने की बात कही गई।
पीठ ने चेतावनी दी थी कि अदालत के निर्देशों का उल्लंघन होने की स्थिति में आदेश वापस भी लिया जा सकता है। मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर 2026 तक स्थगित बताई गई है।
इमरान खान की बहनों का लगातार अभियान
डॉ. उजमा खान की प्रेस कॉन्फ्रेंस इमरान खान के अधिकारों और जेल में उनकी स्थिति को लेकर परिवार द्वारा लगातार उठाई जा रही आवाज की एक और कड़ी है।
उनकी बड़ी बहन अलीमा खान पिछले कुछ महीनों में अदियाला जेल के बाहर कई बार मीडिया से बात कर चुकी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 19 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। एक अन्य बहन नूरीन नियाजी ने करीब नौ महीने के अंतराल के बाद मंगलवार को जेल में इमरान खान से मुलाकात की।
नवंबर 2025 में अलीमा खान, नूरीन नियाजी और डॉ. उजमा द्वारा अदियाला जेल के बाहर साप्ताहिक मुलाकात की अनुमति न मिलने के बाद किए गए विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर उनके साथ दुर्व्यवहार करने और उन्हें हिरासत में लेने के आरोप भी लगे थे।
आगे क्या?
अब निगाहें 16 सितंबर को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और इस बात पर हैं कि सरकार इमरान खान के इलाज तथा अस्पताल स्थानांतरण से जुड़े अदालती निर्देशों का पालन किस तरह करती है।
डॉ. उजमा खान के आरोपों ने इमरान खान की जेल में स्थिति, हिरासत के दौरान मानवाधिकारों और पाकिस्तान में हाई-प्रोफाइल राजनीतिक कैदियों के साथ व्यवहार को लेकर बहस को एक बार फिर तेज कर दिया है।
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