जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान के महासचिव अमीरुल अज़ीम का निधन
- इंटरनेशनल
- 22 Jul, 2026 08:29 PM (Asia/Kolkata)
कैंसर से बहादुरी से लड़ते हुए अंतिम समय तक निभाते रहे पार्टी की जिम्मेदारियाँ
जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान के अमीर हाफ़िज़ नईम उर रहमान ने गहरे दुख और शोक व्यक्त किया
लाहौर (नज़राना टाइम्स): जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान के महासचिव तथा प्रमुख धार्मिक, राजनीतिक और आंदोलनकारी नेता अमीरुल अज़ीम का निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से कैंसर से पीड़ित थे, लेकिन उन्होंने अद्भुत धैर्य, साहस और दृढ़ संकल्प के साथ इस बीमारी का सामना किया। गंभीर बीमारी के बावजूद उन्होंने अपने अंतिम समय तक जमात-ए-इस्लामी की संगठनात्मक और आंदोलन संबंधी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन किया।
अमीरुल अज़ीम को जमात-ए-इस्लामी के केंद्रीय नेतृत्व का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता था। महासचिव के रूप में उन्होंने संगठनात्मक मामलों, राजनीतिक रणनीति, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण तथा देशभर में पार्टी के नेटवर्क को प्रभावी ढंग से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपनी सादगी, सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता, बौद्धिक परिपक्वता, संगठनात्मक क्षमता और कार्यकर्ताओं से गहरे जुड़ाव के कारण वे पार्टी के सभी वर्गों में अत्यंत सम्मानित थे।
अमीरुल अज़ीम ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत छात्र जीवन में इस्लामी जमीयत-ए-तुलबा से जुड़कर की। वे इस्लामी जमीयत-ए-तुलबा लाहौर के नाज़िम रहे और बाद में इस्लामी जमीयत-ए-तुलबा पाकिस्तान के नाज़िम-ए-आला चुने गए। छात्र राजनीति में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई और पंजाब विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। इसके बाद उन्होंने जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान में अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। वे जमात-ए-इस्लामी लाहौर के अमीर, जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान के सूचना सचिव तथा दो बार जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान के महासचिव रहे।

दिवंगत नेता ने अपना पूरा जीवन इस्लामी जीवन व्यवस्था की स्थापना, इस्लामी व्यवस्था के क्रियान्वयन, लोकतांत्रिक संघर्ष तथा पाकिस्तान में संविधान और कानून की सर्वोच्चता के लिए समर्पित किया। विभिन्न दौर में उन्होंने राजनीतिक और जनस्तर पर पार्टी के विचारों और नीतियों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनके भाषण, लेखन और वैचारिक मार्गदर्शन हमेशा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहे।
जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान के अमीर हाफ़िज़ नईम उर रहमान ने अमीरुल अज़ीम के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जमात-ए-इस्लामी ने एक बुद्धिमान, गरिमामय, सिद्धांतनिष्ठ और अत्यंत समर्पित नेता को खो दिया है, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन अल्लाह के दीन की बुलंदी, इस्लामी आंदोलन और पाकिस्तान की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारी के बावजूद अमीरुल अज़ीम ने जिस धैर्य, साहस और दृढ़ता का परिचय दिया, वह कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। बीमारी कभी भी उनके हौसले को कमजोर नहीं कर सकी। उनकी निष्ठा, ईमानदारी, संगठनात्मक दूरदृष्टि और आंदोलन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता हमेशा याद रखी जाएगी।
हाफ़िज़ नईम उर रहमान ने कहा कि अमीरुल अज़ीम का निधन जमात-ए-इस्लामी के लिए अपूरणीय क्षति है, लेकिन उनका जीवन, संघर्ष और चरित्र आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव मार्गदर्शक बना रहेगा।
उन्होंने अल्लाह तआला से दुआ की कि दिवंगत को पूर्ण मग़फ़िरत अता फरमाए, उनके दर्जे बुलंद करे, उन्हें जन्नतुल फिरदौस में उच्च स्थान प्रदान करे तथा उनके परिवार, परिजनों और जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं को इस दुख को धैर्य और सब्र के साथ सहन करने की शक्ति प्रदान करे। आमीन।
जमात-ए-इस्लामी के अमीर ने देशभर के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों से दिवंगत के लिए विशेष दुआ करने की अपील करते हुए कहा कि उनकी धार्मिक, संगठनात्मक और राष्ट्रीय सेवाओं को सदैव सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा।
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