खनिज क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की तैयारी में पाकिस्तान, रेको डिक से 2028 के अंत तक उत्पादन का लक्ष्य

खनिज क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की तैयारी में पाकिस्तान, रेको डिक से 2028 के अंत तक उत्पादन का लक्ष्य

इस्लामाबाद, 17 अक्टूबर (नज़राना टाइम्स): पाकिस्तान अपनी अनुमानित 8 ट्रिलियन डॉलर तक की खनिज संपदा विकसित करने के लिए निवेश आकर्षित करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत इस्लामाबाद में 12–13 नवंबर को पाकिस्तान मिनरल्स इन्वेस्टमेंट फोरम 2026 (पीएमआईएफ26) आयोजित किया जाएगा। बलूचिस्तान की रेको डिक तांबा-सोना परियोजना इस प्रयास का अहम हिस्सा है, जहां से 2028 के अंत तक पहला उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।

सरकारी अनुमानों के अनुसार, पाकिस्तान में 92 खनिजों की पहचान की गई है, जिनमें से 52 का व्यावसायिक स्तर पर खनन हो रहा है। स्वतंत्र आकलनों में लगभग छह लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली खनिज संपदा का मूल्य 6 से 8 ट्रिलियन डॉलर के बीच बताया गया है।

इस संभावना के बावजूद देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में खनन क्षेत्र का योगदान 3 प्रतिशत से कम है। वैश्विक खनिज निर्यात में पाकिस्तान की हिस्सेदारी लगभग 0.1 प्रतिशत है।

खनिज निर्यात आठ अरब डॉलर तक बढ़ने की संभावना

रिपोर्टों के मुताबिक, प्रभावी नीतियों, बेहतर प्रशासन और निवेश से सालाना खनिज निर्यात लगभग तीन अरब डॉलर से बढ़कर आठ अरब डॉलर हो सकता है। नीतिनिर्माताओं का कहना है कि नियामकीय और सुरक्षा चुनौतियां दूर होने पर यह क्षेत्र जीडीपी वृद्धि दर को लगभग 3 प्रतिशत से 6 प्रतिशत तक पहुंचाने में भी मदद कर सकता है।

रेको डिक से 2028 के अंत तक उत्पादन का लक्ष्य

बलूचिस्तान स्थित सात अरब डॉलर की रेको डिक परियोजना बैरिक गोल्ड कॉरपोरेशन और पाकिस्तानी संस्थाओं का संयुक्त उद्यम है। बैरिक की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है, जबकि बलूचिस्तान सरकार और संघीय सरकारी उद्यमों के पास 25–25 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

परियोजना में अनुमानित 5.9 अरब टन अयस्क है और खदान की अनुमानित संचालन अवधि 37 वर्ष है।

पहले चरण में सालाना दो लाख 40 हजार टन तांबा और दो लाख 97 हजार औंस सोने का उत्पादन होने की उम्मीद है। वर्ष 2034 के लिए प्रस्तावित दूसरे चरण में प्रसंस्करण क्षमता दोगुनी करने का लक्ष्य है। इससे औसत वार्षिक उत्पादन चार लाख 60 हजार टन तांबा और पांच लाख 20 हजार औंस सोने तक पहुंचने का अनुमान है।

परियोजना की पूरी संचालन अवधि में 70 अरब डॉलर से अधिक मुक्त नकदी प्रवाह और चालू होने के बाद लगभग 2.8 अरब डॉलर के सालाना निर्यात मूल्य का अनुमान लगाया गया है।

अक्टूबर 2025 में पाकिस्तान ने रेको डिक के लिए 11 ऋणदाता संस्थाओं के समूह से 3.5 अरब डॉलर का अंतरराष्ट्रीय वित्तपोषण हासिल किया था। इनमें अमेरिकी एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक और एशियाई विकास बैंक भी शामिल हैं।

इस्लामाबाद में जुटेंगे निवेशक और संभावित साझेदार

पीएमआईएफ26 इस्लामाबाद के जिन्ना कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा। पहले यह आयोजन 8–9 अप्रैल को होना था, लेकिन बाद में इसकी तारीखें बदलकर 12–13 नवंबर कर दी गईं।

सरकार के इस प्रमुख खनिज निवेश मंच का उद्देश्य देश की खनिज क्षमता सामने रखना, अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित करना और साझेदारियों के अवसर उपलब्ध कराना है।

वर्ष 2025 के आयोजन में 50 से अधिक देशों के 5,000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था और 16 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए थे।

महत्वपूर्ण खनिजों में अवसर, लेकिन चुनौतियां भी

पाकिस्तान ने 17 दुर्लभ मृदा तत्वों में से कम से कम 12 की पहचान की है। इसके अलावा लिथियम युक्त पेग्माटाइट चट्टानों, क्रोमाइट, बेरिलियम और जिरकॉन के भंडार भी मिले हैं। देश वैश्विक महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी भूमिका बढ़ाना चाहता है।

हालांकि, संघीय और प्रांतीय अधिकारियों के बीच समन्वय की चुनौती बनी हुई है। संविधान के 18वें संशोधन ने खनिजों से जुड़े अधिकार प्रांतों को सौंप दिए थे, जबकि व्यापार और निवेश नीति संघीय स्तर पर बनी रही।

टेथियन कॉपर विवाद में निवेश विवादों के निपटारे के लिए अंतरराष्ट्रीय केंद्र (आईसीएसआईडी) द्वारा 2019 में पाकिस्तान के खिलाफ दिए गए 5.9 अरब डॉलर के फैसले ने भी निवेश के माहौल को प्रभावित किया था। रेको डिक परियोजना को 2022 में पुनर्जीवित किया गया था।