पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध 24 जुलाई तक बढ़ाया
- इंटरनेशनल
- 17 Jun, 2026 02:02 PM (Asia/Kolkata)
2025 के सैन्य गतिरोध के दौरान लगाए गए प्रतिबंध बरकरार
इस्लामाबाद | नज़राना टाइम्स
रिपोर्ट: अली इमरान चट्ठा
पाकिस्तान ने भारत में पंजीकृत सभी नागरिक और सैन्य विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र की बंदिश को 24 जुलाई सुबह 4:59 बजे तक बढ़ा दिया है। यह प्रतिबंध पहली बार अप्रैल 2025 में लगाया गया था और अब इसे एक बार फिर 30 दिनों के लिए आगे बढ़ाया गया है।
16 जून से प्रभावी इस नए विस्तार के तहत भारतीय स्वामित्व वाले, भारतीय कंपनियों द्वारा संचालित या पट्टे (लीज़) पर लिए गए किसी भी विमान को पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। यह प्रतिबंध नागरिक और सैन्य दोनों प्रकार की उड़ानों पर लागू रहेगा।
दोनों देशों के बीच तनाव बरकरार
यह हवाई प्रतिबंध उस समय लगाया गया था जब भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम हमले के बाद एकतरफा रूप से सिंधु जल संधि को निलंबित करने की घोषणा की थी। पाकिस्तान ने इस हमले में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार करते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की थी।
इसके बाद दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ उठाए गए कदमों ने मई 2025 में चार दिनों के सैन्य टकराव का रूप ले लिया। हालांकि बाद में अमेरिका की मध्यस्थता से युद्धविराम कराया गया। पाकिस्तान का दावा है कि इस संघर्ष के दौरान उसकी सेना ने भारत के आठ लड़ाकू विमानों को मार गिराया था।
भारतीय विमानन क्षेत्र को भारी आर्थिक नुकसान
लंबे समय से जारी इस प्रतिबंध के कारण भारतीय विमानन कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। अनुमान के अनुसार एयर इंडिया समूह को वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 2 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है।
एयर इंडिया में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली सिंगापुर एयरलाइंस ने भी 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में लगभग 2.8 अरब डॉलर के नुकसान की जानकारी दी है। कंपनी के अनुसार उड़ानों के मार्ग बदलने और लंबी दूरी तय करने के कारण लागत में भारी वृद्धि हुई है।
परिचालन पर प्रभाव
पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण भारतीय एयरलाइनों को यूरोप, पश्चिम एशिया और उत्तरी अमेरिका जाने के लिए मध्य एशिया और अरब सागर के रास्ते लंबे चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे ईंधन और अन्य परिचालन खर्चों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
हालांकि दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष सैन्य टकराव फिलहाल थम चुका है, लेकिन कूटनीतिक तनाव अभी भी बना हुआ है और दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों को जारी रखे हुए हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
यह तीसरी बार है जब पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद किया है। इससे पहले 1999 के कारगिल संघर्ष और 2019 के पुलवामा संकट के दौरान भी इसी प्रकार की पाबंदियां लगाई गई थीं।
पिछले दोनों मामलों की तरह इस बार भी भारतीय विमानन क्षेत्र पर इसका अधिक प्रभाव पड़ा है, क्योंकि भारत की अधिकांश अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के प्रमुख मार्ग पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के निकट से होकर गुजरते हैं।
Leave a Reply