मुल्तान में किशोर की हत्या का मुख्य संदिग्ध कथित पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, हिरासत पर सवाल बरकरार

मुल्तान में किशोर की हत्या का मुख्य संदिग्ध कथित पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, हिरासत पर सवाल बरकरार

मुल्तान/बहावलपुर: मुल्तान में 15 वर्षीय अनाथ किशोर वसीम अब्बास की हत्या के मामले का मुख्य संदिग्ध तौकीर नजीर बहावलपुर के नॉर्दर्न बाईपास के पास एक कथित पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पंजाब के क्राइम कंट्रोल डिपार्टमेंट (सीसीडी) ने दावा किया है कि उसकी मौत अपने ही साथी की गोली लगने से हुई।

विभाग के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने जब नजीर को रोकने की कोशिश की तो उसने गोलीबारी शुरू कर दी। सीसीडी का कहना है कि गोलीबारी के दौरान नजीर अपने साथी की गोली से मारा गया, जबकि अमजद नाम का उसका साथी फरार हो गया। यह घटनाक्रम विभाग के बयान पर आधारित है।

बिजली का काम सीखने भेजा गया था वसीम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वसीम अब्बास मुजफ्फरगढ़ का रहने वाला था और एक गैर-सरकारी संस्था द्वारा संचालित अनाथालय में रहता था। उसे बिजली का काम सीखने के लिए नजीर के पास भेजा गया था।

आरोप है कि जब किशोर ने काम छोड़ना चाहा तो नजीर और उसके साथी ने करीब एक किलोमीटर तक उसका पीछा किया और फिर तेज रफ्तार कार उस पर चढ़ा दी। वसीम की मौके पर ही मौत हो गई।

सीसीटीवी फुटेज से दुर्घटना के शुरुआती दावे पर उठे सवाल

रिपोर्टों के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में किशोर भागता हुआ और संदिग्ध उसका पीछा करते दिखाई दिए। इससे घटना को दुर्घटना बताने वाले उनके शुरुआती दावे पर सवाल उठे। फुटेज सामने आने के बाद व्यापक दुख और रोष व्यक्त किया गया।

पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर नजीर को गिरफ्तार किया था। अदालत ने उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा था।

पुलिस हिरासत से बहावलपुर पहुंचने पर स्थिति अस्पष्ट

यह अभी स्पष्ट नहीं है कि पुलिस रिमांड पर भेजा गया नजीर हिरासत से कैसे निकला और बहावलपुर कैसे पहुंचा। इन परिस्थितियों पर पुलिस का विस्तृत स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है।

पुलिस फरार साथी अमजद की तलाश कर रही है। अनाथालय के कुछ कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की जानकारी है। उनकी किसी कथित भूमिका को लेकर अभी कोई निष्कर्ष घोषित नहीं किया गया है।

News Disclaimer:The news, articles and other materials published by Nazarana Times are based on the opinions of our reporters and writers. The institution is not responsible for the facts and names given in them and the institution does not necessarily agree with them.