पाकिस्तान की अहम भूमिका से अमेरिका–ईरान के बीच ऐतिहासिक समझौता

पाकिस्तान की अहम भूमिका से अमेरिका–ईरान के बीच ऐतिहासिक समझौता

अली इमरान चट्ठा | नज़राना टाइम्स
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका और कूटनीतिक प्रयासों के परिणामस्वरूप अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक समझौता संपन्न हुआ है। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने गुरुवार को “इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग” (MoU) पर मध्यस्थ के रूप में हस्ताक्षर किए। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी बयान में दी गई।
समझौते पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने भी हस्ताक्षर किए हैं। इसे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया संदेश में कहा कि उन्हें यह घोषणा करते हुए सम्मान महसूस हो रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच “इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग” पर हस्ताक्षर हो गए हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने इस समझौते को मंजूरी दी है और उन्होंने मध्यस्थ के रूप में इसका समर्थन किया है।
समझौते के तहत यह तत्काल प्रभाव से लागू होगा। शुरुआती कदमों के रूप में ईरान सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण **होर्मुज़ जलडमरूमध्य** को फिर से खोल देगा, जबकि अमेरिका अपनी **समुद्री पाबंदियां और नाकाबंदी हटाने** की प्रक्रिया शुरू करेगा।
विश्लेषकों के अनुसार यह समझौता क्षेत्रीय तनाव कम करने, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति मार्गों को सुरक्षित बनाने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को स्थिरता प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
यह समझौता पश्चिम एशिया में शांति, संवाद और सहयोग की नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करता है तथा पाकिस्तान की कूटनीतिक भूमिका को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देता है।

Ali Imran Chattha
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