मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ के डिजिटल गवर्नेंस कार्यक्रम के तहत एआई आधारित मुकदमे प्रबंधन प्रणाली का लाहौर पायलट प्रोजेक्ट शुरू — प्रांतीय क़ानून मंत्री राना मुहम्मद इक़बाल ने किया उद्घाटन
- इंटरनेशनल
- 06 Nov, 2025 08:10 PM (Asia/Kolkata)
लाहौर (नज़राना टाइम्स) — 6 नवम्बर:
प्रांतीय क़ानून मंत्री राना मुहम्मद इक़बाल ख़ान ने आज डायरेक्टरेट ऑफ मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन (DME) के लाहौर पायलट प्रोजेक्ट का औपचारिक उद्घाटन किया। यह प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री पंजाब मरियम नवाज़ की फ्लैगशिप डिजिटल गवर्नेंस योजना का एक अहम हिस्सा है। समारोह का आयोजन क़ानून विभाग में किया गया, जिसमें संसदीय सचिव अहमद नवाज़ रंझा, स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन/विधायक मलिक नौशेर लंगरियाल, सचिव क़ानून आसिफ़ बिलाल लोधी, और सचिव हाउसिंग नूरुल अमीन मंग़ल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
ब्रीफिंग के दौरान सचिव क़ानून ने बताया कि DME निदेशालय जनवरी 2025 में स्थापित किया गया था और इसके साथ ही सॉलिसिटर विभाग को समाप्त कर दिया गया। इस निदेशालय का उद्देश्य सरकारी मुकदमों का प्रभावी प्रबंधन करना, DAPS(T) और जिला अटॉर्नी कार्यालयों की निगरानी, बजट व ऑडिट पर नज़र रखना, क़ानूनी अधिकारियों की क्षमता निर्माण, सरकारी विभागों को कानूनी सलाह प्रदान करना और वार्षिक विकास कार्यक्रम तैयार करना है।
DME परियोजना को छह चरणों में पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा।
पहला चरण लाहौर डिवीज़न (पायलट) में अक्तूबर–नवंबर 2025 में पूरा होगा,
दूसरा गुजरांवाला व गुजरात, तीसरा रावलपिंडी व मुल्तान, चौथा साहीवाल व बहावलपुर,
पाँचवां डेरा ग़ाज़ी ख़ान, और छठा फ़ैसलाबाद व सरगोधा डिवीज़न में लागू किया जाएगा। मई 2026 तक यह प्रणाली पूरे प्रांत में पूरी तरह कार्यरत हो जाएगी।
पंजाब आईटी बोर्ड (PITB) के प्रतिनिधियों ने बताया कि सरकार के लिए एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित मुकदमे प्रबंधन प्रणाली विकसित की गई है। इस प्रणाली में निम्न सुविधाएँ शामिल हैं —
• क़ानूनी अधिकारियों की प्रोफ़ाइल और प्रदर्शन प्रबंधन
• सरकारी विभागों के लिए मोबाइल ऐप
• विस्तृत डैशबोर्ड और विश्लेषणात्मक रिपोर्टें
• अलर्ट और सूचना प्रणाली
• प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए ज्ञान केंद्र
• मीडिया रूम और आईटी सेल की स्थापना
इस डिजिटल प्रणाली में अदालती मामलों की कंप्यूटरीकृत निगरानी, बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली, और CCTV/जियो-टैग आधारित ट्रैकिंग भी शामिल है, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर राना मुहम्मद इक़बाल ख़ान ने कहा कि मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ की दूरदर्शी नेतृत्व में पंजाब सरकार न्याय और क़ानून व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
“यह एआई आधारित प्रणाली एक ऐतिहासिक कदम है, जो प्रदर्शन विश्लेषण, केस ट्रैकिंग और संस्थागत दक्षता में सुधार लाएगी। डिजिटल मॉनिटरिंग और डेटा-आधारित गवर्नेंस के ज़रिए पंजाब एक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीकी रूप से सशक्त कानूनी ढाँचे की ओर बढ़ रहा है,” मंत्री ने कहा।
मंत्री ने सचिव क़ानून आसिफ़ बिलाल लोधी और उनकी पूरी टीम को बधाई दी तथा PITB के सहयोग की सराहना की।
इस मौके पर जिला अटॉर्नी लाहौर, क़ानूनी अधिकारी, ए.डी. शाहिद जट, PITB के प्रतिनिधि और क़ानून विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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