लुधियाना में सिख मिशनरी कॉलेजों की साझी विचार गोष्ठी, विद्वानों ने गुरमत पर अपने विचार साझा किए
- धार्मिक
- 28 Feb, 2025 04:43 PM (Asia/Kolkata)
लुधिअना २८ फरवरी ,ताजीमनूर कौर आनन्दपुरी
आज 28 फरवरी 2025 को "गुरमत ज्ञान मिशनरी कॉलेज" द्वारा रामगढ़िया गर्ल्स कॉलेज, मिलर गंज, लुधियाना के बाबा गुरमुख सिंह हॉल में मिशनरी कॉलेजों की साझी विचार गोष्ठी का कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह गोष्ठी "सिख मिशनरी कॉलेज, लुधियाना", "गुरमत ज्ञान मिशनरी कॉलेज, लुधियाना" और "साहिबजादा जुझार सिंह गुरमत मिशनरी कॉलेज, रोपड़" द्वारा मिलकर करवाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत राणा इंदरजीत सिंह द्वारा मिशनरी वीरों को "जी आयां नु" कहकर की गई, जबकि मंच संचालन सुखविंदर सिंह ददेहड़ द्वारा किया गया।

सिख रहत मर्यादा – पंथ की एकता की कुंजी
"शहीद सिख मिशनरी कॉलेज, अमृतसर" से डॉ. गुरमेल सिंह जी ने "इतिहासिक गुरुद्वारों में सिख रीहट मर्यादा की पहरेदारी" विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि सिख रीहट मर्यादा पंथ की एकता की कुंजी है और गुरुद्वारे सिखों के केंद्रीय संस्थान हैं।सेवा – सिखी का थंबना
"सिख मिशनरी कॉलेज, लुधियाना" से भाई नछत्तर सिंह जी ने "गुरबानी और इतिहास में सेवा संकल्प की विशालता" विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने सेवा को सिखी का मुख्य अंग बताते हुए, इसकी महत्ता को उजागर किया।
भगत बाणी में कर्मकांड का खंडन
"साहिबजादा जुझार सिंह गुरमत मिशनरी कॉलेज, रोपड़" से प्रिंसिपल बलजीत सिंह ने "भगत बाणी में कर्मकांड के खंडन और गुरमत की दृढ़ता" विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि भगतों ने आम जन को जागरूक करके ब्राह्मणवाद और जाति प्रथा का विरोध किया।

गुरमत प्रचार में मिशनरी कॉलेजों की भूमिका
"गुरमत ज्ञान मिशनरी कॉलेज" से प्रिंसिपल गुरबचन सिंह ने "गुरमत प्रचार में मिशनरी कॉलेजों की भूमिका" विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने सिख मिशनरियों द्वारा गुरुद्वारों की आज़ादी और मूर्तिपूजा समाप्त करवाने के लिए दी गईं कुर्बानियों पर प्रकाश डाला।
सिख मिशनरियों की जिम्मेदारी – सरबजीत सिंह ढूंडा
आखिर में सरबजीत सिंह ढूंडा ने गुरमत प्रचार की महत्ता बताते हुए कहा कि गुरु साहिब ने गुरमत के सही प्रचार की जिम्मेदारी "सिख मिशनरियों" को दी है।
विद्वानों की हाजिरी और धन्यवाद समारोह
इस साझी विचार गोष्ठी में देश-विदेश से आए मिशनरी वीरों-बहनों और विद्वानों ने भाग लिया। अंत में गुरमत ज्ञान मिशनरी कॉलेज के चेयरमैन राणा इंदरजीत सिंह जी ने आई संगतों को जी आयां नु कहा और धन्यवाद किया।
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